-सरैया अस्पताल की जमीन बचाने के आंदोलन को समर्थन
मुजफ्फरपुर।सम्वाददाता।
जिले के सरैया में सरकारी अस्पताल की चारदीवारी और शौचालय तोड़कर 62 फीट जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा किए जाने के विरोध में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आज डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और न्यायप्रिय लोग शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता जेपी आंदोलन के प्रमुख साथी और गंगा मुक्ति आंदोलन के नेता अनिल प्रकाश ने की।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजवादी लक्ष्मण देव प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पताल की जमीन पर कब्जा करना एक घृणित कार्य है, और इसके खिलाफ सशक्त लड़ाई लड़ी जाएगी। पूर्व विश्वविद्यालय शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता प्रोफेसर भारती सिन्हा ने कहा कि प्रशासनिक निष्पक्षता समाप्त होती जा रही है। प्रशासन सत्ताधारी दल और भूमाफियाओं के सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। सरकारी संपत्ति की रक्षा करने के बजाय प्रशासन आंदोलनकारियों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रहा है और आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है।

‘सरैया अस्पताल की जमीन बचाओ संघर्ष समिति, मुजफ्फरपुर’ का गठन किया गया। इस समिति का अध्यक्ष मंडल लक्ष्मण देव प्रसाद सिंह, अनिल प्रकाश, प्रोफेसर भारती सिन्हा और सुरेंद्र कुमार (पूर्व सचिव, गांधी शांति प्रतिष्ठान) होंगे। समिति की समन्वयक प्रोफेसर भारती सिन्हा को नियुक्त किया गया।
बैठक में विभिन्न संगठनों और कार्यकर्ताओं ने अपने विचार साझा किए। प्रमुख वक्ताओं में अधिवक्ता ललितेश्वर मिश्र, कुमार मदन (नेवी से सेवानिवृत्त), अरुण कुमार सिंह (एसयूसीआई-सी के राज्य सचिव), सूरज कुमार सिंह (भाकपा माले), भूप नारायण सिंह (एमसीपीआई-यू), जगदीश प्रसाद गुप्ता (सीपीआई), ट्रेड यूनियन नेता मोहम्मद इदरीश, प्रमोद कुमार (ऑल इंडिया किसान फेडरेशन), मदन प्रसाद (अखिल भारतीय किसान सभा), और राज किशोर राम (सीपीआईएमएल न्यू डेमोक्रेसी) शामिल रहे।
इस आंदोलन को राष्ट्रीय युवा योजना, बागमती संघर्ष मोर्चा, बिहार शोध संवाद, किसान संगठनों, युवा संगठनों, कर्मचारी संगठनों और संस्कृति कर्मियों का भी व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ।












