Advertisement

बिहार से पाकिस्तान भेज दिए 30 करोड़

बिहार से पाकिस्तान भेज दिए 30 करोड़

-मासूम सोनू के ‘सिंगल सिम’ कनेक्शन से यूपी एटीएस भी हैरान!

संवाददाता। सीतामढ़ी।

बिहार के सीतामढ़ी का सोनू ग्रामीणों की नजर में सोनू काफी भोला भाला युवक था। हर कोई गांव के शांत-स्वभाव युवकों में सोनू का भी नाम लेते थे। इसके पीछे कारण था की वह कोई ऐसा काम नहीं किया था, जिससे लोगों की नजरों में गिरे। रविवार की शाम जब ग्रामीणों को सोनू के कारनामे की जानकारी मिली, तो मानो उनके होश ही उड़ गए। किसी को एक पल के लिए भी यकीन नहीं हो रहा था कि उनके बीच रहने वाला सोनू अंतराष्ट्रीय साइबर अपराधी है।
सूत्रों ने बताया कि यूपी एटीएस ने विदेशों में करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में जिले के भिट्ठा थाना के श्रीखंडी भिट्ठा गांव के ऋषिकेश उर्फ सोनू साह को गिरफ्तार किया है। एटीएस के साथ पटना की आईबी और सीतामढ़ी की डीआईयू की टीम भी थी। सोनू का तार अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर आपराधिक संगठन से जुड़ा हुआ है। इसके पुख्ता सबूत टीम को हाथ लगे हैं। टीम ने इस हेराफेरी के धंधे में कथित रूप से संलिप्त सोनू के पिता को भी गिरफ्तार की है। दोनों को रविवार की शाम में ही यूपी एटीएस लेकर चली गई।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि टीम को इस बात का पुख्ता सबूत मिला है कि सोनू साह बिटकॉइन के माध्यम से पाकिस्तान और नेपाल समेत अन्य देशों में करोड़ों रुपये भेज चुका है। खबर यहां तक मिली है कि उसने सिर्फ पाकिस्तान में अपराधियों के पास अबतक 30 करोड़ भेज चुका है। टीम को सोनू के घर से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले है, जिसकी मदद से वह साइबर अपराध करता था। इसके आलावा सोनू के कमरे से मोबाइल के कई खाली डिब्बे, लैपटॉप और डेस्कटॉप आदि बरामद हुए हैं।

सूत्रों पर यकीन करें, यह अंतर्राष्ट्रीय साइबर बड़ा ही शातिर तरीके से घर बैठे बिटकॉइन का खेल, खेल रहा था। वह जांच एजेंसियों से बचने के लिए एक सिम का एक ही बार उपयोग करता था। हालांकि सोनू की चालाकी अधिक समय तक नहीं चली और वह पकड़ा गया। यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर उसके तमाम खेल को बिगाड़ दी है। खास बात यह के उक्त कार्रवाई की स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी। दरअसल, यूपी एटीएस और आईबी की टीम छापेमारी की कोई पूर्व सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी थी।
सोनू और उसके पिता मोहन साह की गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस की टीम स्थानीय पुलिस को सिर्फ इतना ही सूचना दी कि इस गांव से दो की गिरफ्तारी की गई है। किस मामले में गिरफ्तरी की गई है, की भी सूचना पुलिस को नहीं दी गई। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि सोनू नशे का आदी था। वह दिन भर अपने घर के एक कमरे में बंद रहता था। उसके पड़ोसी भी उसे घर के बाहर निकलते नहीं देखते थे। ऋषिकेश के पिता मोहन साह भिट्ठामोड़ चौक पर वसुधा केंद्र का संचालन करते हैं। पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर श्रीखंडी भिट्ठा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में लोग विभिन्न तरह की चर्चा कर रहे हैं।