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बहेड़ी थाना के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ चिंटू सिंह का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी, प्रशासन से वार्ता बेनतीजा

-बहेड़ी थाना के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ चिंटू सिंह का आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी, प्रशासन से वार्ता बेनतीजा

दरभंगा। बहेड़ी थाना में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और आम लोगों के उत्पीड़न के आरोपों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ ‘चिंटू सिंह’ का आमरण अनशन शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय, लहेरियासराय के समीप चल रहे इस अनशन को 120 घंटे से अधिक हो चुके हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनशन के दौरान बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की मेडिकल टीम ने अनशन स्थल पर पहुंचकर चिंटू सिंह के स्वास्थ्य की जांच की और उनकी स्थिति सामान्य बताई। वहीं, आंदोलनकारियों का आरोप है कि अनशन स्थल पर पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
अनशनकारी चिंटू सिंह ने शपथ पत्र के माध्यम से बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज गुप्ता और अवर निरीक्षक रौशन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि थाने में पीड़ितों की शिकायतों को दबाया जाता है, संज्ञेय मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने में विलंब किया जाता है, सरकारी कार्यों के नाम पर अवैध वसूली की जाती है तथा आपराधिक तत्वों को संरक्षण दिया जाता है।

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मिथिला विकास संगठन के संस्थापक विकास फूल ने बताया कि ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया और अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया। इसके बाद एसपी कार्यालय में वार्ता भी हुई, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलने के कारण अनशन जारी रहा।
समाजसेवी कालीचरण यादव ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
चिंटू सिंह ने कहा कि जब तक बहेड़ी थानाध्यक्ष को निलंबित कर आरोपों की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने मांग की है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पत्रकारों की मौजूदगी में स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए। साथ ही बहेड़ी थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजी और मालखाना पंजी की जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अनशन स्थल पर पीड़ितों के साथ मिथिला विकास संगठन के संस्थापक विकास फूल, समाजसेवी कालीचरण यादव, मुकेश कुशवाहा, सोनू सिंह, मनीष कुमार, कृष्ण कुमार, अशोक सिंह, अनिकेत कुमार अंशु, नासिर हुसैन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।