-झोलाछाप की लापरवाही से मासूम की मौत, ऑपरेशन के दौरान नस कटने का आरोप
मुजफ्फरपुर। जिले के मनियारी थाना क्षेत्र के गछपत्ती गांव में कथित झोलाछाप चिकित्सक की लापरवाही से सात वर्षीय मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि सिर के मामूली घाव का इलाज करने के दौरान झोलाछाप ने चीरा लगाते समय बच्ची की नस काट दी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और इलाज के लिए एसकेएमसीएच ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृत बच्ची की पहचान आसिया (7 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि बच्ची के सिर पर छोटा-सा घाव था। इलाज के लिए गांव के मो. सलमान के पास ले जाया गया। आरोप है कि पहले उसने घाव पकाने की दवा दी, फिर बेहोशी का इंजेक्शन देकर खुद ही चीरा लगा दिया। ऑपरेशन के बाद दवा और पट्टी कर बच्ची को घर भेज दिया गया।
परिजनों के अनुसार, घर पहुंचते ही बच्ची की पट्टी खून से पूरी तरह भीग गई। इसके बाद वे उसे दोबारा मो. सलमान के पास लेकर पहुंचे, जहां से उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया। पीएचसी के चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देखते हुए बच्ची को एसकेएमसीएच रेफर कर दिया। हालांकि, वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया गया कि एसकेएमसीएच के चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में आशंका जताई कि ऑपरेशन के दौरान नस कट जाने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे बच्ची की जान चली गई। चिकित्सकों का कहना था कि समय रहते उचित इलाज मिल जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।

बच्ची की बुआ ने आरोप लगाया कि गलत तरीके से चीरा लगाने के कारण अत्यधिक खून बहा और इसी वजह से उसकी मौत हुई। घटना के बाद जब परिजन बच्ची का शव लेकर आरोपित के क्लीनिक पहुंचे तो वह क्लीनिक बंद कर फरार मिला।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय झोलाछाप चिकित्सकों पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण इलाकों में बिना वैध डिग्री और अनुमति के इलाज करने वाले लोग छोटे-मोटे उपचार से लेकर ऑपरेशन तक कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई के अभाव में ऐसे मामले लगातार सामने आते रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं तथा किसी भी अनियमितता की रिपोर्ट उन्हें देनी चाहिए। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।












