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नेपाल में सांप्रदायिक तनाव के बीच खुली भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी, रोहिंग्या घुसपैठ और तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

-नेपाल में सांप्रदायिक तनाव के बीच खुली भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी चौकसी, रोहिंग्या घुसपैठ और तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल में सांप्रदायिक तनाव के बीच खुली भारत-नेपाल सीमा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक (आईजीपी) दानबहादुर कार्की ने कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थियों की अवैध घुसपैठ, अंतरराष्ट्रीय अपराधियों की सक्रियता, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराध सीमावर्ती इलाकों के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार कड़ी निगरानी रख रही हैं।
आईजीपी कार्की ने बताया कि हाल के दिनों में भारत के रास्ते कुछ रोहिंग्या शरणार्थियों के नेपाल में प्रवेश कर विभिन्न स्थानों पर समूह बनाकर रहने की कोशिश के मामले सामने आए हैं। पुलिस ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर संबंधित निकायों को सौंप रही है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह अत्यंत संवेदनशील विषय है।
उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान और सोमालिया के कुछ नागरिक नेपाल में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त पाए गए हैं। ऐसे मामलों में कई गिरफ्तारियां की गई हैं। नेपाल पुलिस देश की सुरक्षा से जुड़े हर संदिग्ध व्यक्ति और गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।


संघीयता सुदृढ़ीकरण एवं राष्ट्रीय सरोकार समिति की बैठक में आईजीपी ने कहा कि खुली भारत-नेपाल सीमा के कारण हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों का अवैध कारोबार, मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में सीमा पार कानूनी अधिकार क्षेत्र की सीमाएं जांच और कार्रवाई में बाधा उत्पन्न करती हैं।
नेपाल पुलिस ने साइबर अपराधों को भी गंभीर चुनौती बताया है। ओटीपी के जरिए बैंकिंग धोखाधड़ी, ऑनलाइन सट्टेबाजी, साइबर स्कैम और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी आई है। पुलिस के अनुसार इन अपराधों से आम नागरिकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। आईजीपी ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की।
सीमा सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए नेपाल पुलिस आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रही है। आईजीपी कार्की ने बताया कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित गश्त के साथ ड्रोन, स्कैनर और प्रशिक्षित के-9 (डॉग स्क्वॉड) यूनिट की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।