Advertisement

नेपाल के रसुवा में फिर मंडराया भीषण बाढ़ का खतरा, सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया बंद

-नेपाल के रसुवा में फिर मंडराया भीषण बाढ़ का खतरा, सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन किया बंद

जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद एक बार फिर भीषण बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नदी के प्रवाह में रुकावट के कारण चीन की सीमा क्षेत्र में एक कृत्रिम झील बनने की सूचना है। इस झील में लगातार पानी जमा होने से नेपाल के निचले इलाकों में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।
बताया गया है कि चीन के जल संसाधन विभाग ने स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार गुरुवार तक कृत्रिम झील में करीब 20 लाख घन मीटर पानी जमा हो चुका था, जबकि शनिवार तक इसके बढ़कर करीब 30 लाख घन मीटर होने की संभावना है। शुक्रवार से झील से पानी का रिसाव शुरू होने की भी जानकारी सामने आई है। पानी का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ने पर नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा और बढ़ सकता है।

नवनिर्मित कृत्रिम झील छोछेन खोला और प्योरूपू त्यांसपो नदी के संगम क्षेत्र में बनने की बात कही जा रही है। झील से पानी का बहाव तेज होने के कारण रसुवा को काठमांडू से जोड़ने वाला बचा हुआ एकमात्र पुल भी शुक्रवार को तेज पानी की चपेट में आकर बह गया। इससे इलाके में आवागमन और राहत-बचाव कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल का आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट मोड में है। सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरे वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नेपाल सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया है। चीन की ओर से भी जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और जल विशेषज्ञों को स्थिति की निगरानी के लिए तैनात किए जाने की सूचना है।
स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि यदि कृत्रिम झील की मेड़ टूटती है या अचानक बड़ी मात्रा में पानी नीचे की ओर बहता है तो रसुवा सहित आसपास के निचले इलाकों में गंभीर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसका असर आगे चलकर नेपाल के साथ-साथ भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी पड़ने की आशंका है। प्रशासन संभावित खतरे को देखते हुए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।