-डा. श्वेता दीप्ति द्वारा रचित ‘टुकड़ों में बटी जिन्दगी’ कहानी संग्रह का विमोचन
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर ।
भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित नेपाल भारत साहित्यिक समारोह में डा श्वेता दीप्ति द्वारा रचित उनकी नवीन कृति ‘टुकड़ों में बटी जिन्दगी’ का विमोचन किया गया । उक्त पुस्तक डा कृष्णचन्द्र पब्लिेकशन काठमान्डू द्वारा प्रकाशित हुई है । उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान के कुलपति भुपाल राई, विशिष्ट अतिथि नेपाल भाषा और नेपाली भाषा के वरिष्ठ साहित्यकार स्नेह सायमि, हाम्रो लघुकथा संस्था की अध्यक्ष लता केसी, लघुकथाकार नारायण जी की गरिमामयी उपस्थिति रही ।
मुख्यअतिथि ने अपने शुभकामना मंतव्य में कहा कि ‘पढ़ने की आदत डालनी चाहिए और संभव हो तो मन की भावनाओं को अवश्य पन्नों पर उतारना चाहिए । एक सच्चे साहित्यकार द्वारा भ्रष्टाचार की संभावना बहुत ही कम होती है । हाम्रो लघुकथा की अध्यक्ष लता केसी ने नेपाल की लघुकथा पर प्रकाश डाला और अपनी एक लघुकथा का वाचन भी किया ।
इसी तरह साहित्यकार स्नेह सायमि और नारायण जी ने भी अपनी–अपनी लघुकथाओं का वाचन किया । रचनाकार डॉ श्वेता दीप्ति ने कहा कि ‘जिन्दगी में कहानियाँ हमारे इर्दगिर्द होती हैं और उसके पात्रों में हम ही किरदार होते हैं । बस ऐसे ही अनुभवों की गाथा है ‘टुकड़ों में बटी जिन्दगी’ ।’

कार्यक्रम का सुन्दर संचालन भारतीय दूतावास सूचना एवं संस्कृति विभाग के अताशे सत्येन्द्र दहिया जी ने किया । आपने कृति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘श्वेता दीप्ति की कहानियाँ भले ही नारी मन की भावनाओं को व्यक्त करती हैं किन्तु इन्हें पुरुष वर्ग को भी अवश्य पढ़ना चाहिए ।’ विवेकानन्द सांस्कृतिक केन्द्र की निदेशक श्रीमती आशावरी वापट जी के धन्यवाद मंतव्य और लघुकथा वाचन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।















