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रेलवे की एनओसी में फंसी मुजफ्फरपुर की 50 ई-बसें, तैयार चार्जिंग स्टेशन तक नहीं पहुंची बिजली

-रेलवे की एनओसी में फंसी मुजफ्फरपुर की 50 ई-बसें, तैयार चार्जिंग स्टेशन तक नहीं पहुंची बिजली

मुजफ्फरपुर। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत मुजफ्फरपुर से इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होने में रेलवे की एनओसी बाधा बन गई है। इमलीचट्टी स्थित बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन का निर्माण काफी पहले पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक वहां बिजली कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। इसके कारण शहर से इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू नहीं हो पा रहा है। वहीं, चार्जिंग स्टेशन चालू नहीं होने से मुख्यालय की ओर से बसों का आवंटन भी लंबित है।

जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक और रेलवे फाटक के कारण चार्जिंग स्टेशन तक बिजली पहुंचाने में तकनीकी अड़चन आ रही है। स्टेशन तक बिजली आपूर्ति के लिए रेलवे ट्रैक के ऊपर या नीचे से केबल ले जाने की योजना है। इसके लिए रेलवे प्रशासन से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से इस संबंध में रेलवे प्रशासन को पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है। रेलवे की अनुमति के बिना केबल बिछाने और बिजली कनेक्शन का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

11 रूटों पर चलाने की है योजना:

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत मुजफ्फरपुर से करीब 50 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन विभिन्न मार्गों पर किया जाना है। निगम ने इसके लिए रूट और बसों की संख्या भी निर्धारित कर ली है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, मुजफ्फरपुर-पटना मार्ग पर चार, मुजफ्फरपुर-शिवहर मार्ग पर सात, मुजफ्फरपुर-औराई-उमरी मार्ग पर आठ और मुजफ्फरपुर-साहेबगंज-केसरिया मार्ग पर छह बसें चलाने की योजना है।

इसी तरह मुजफ्फरपुर-दरभंगा मार्ग पर पांच, मुजफ्फरपुर-फतेहपुर मार्ग पर एक, मुजफ्फरपुर-मोतिहारी मार्ग पर छह, मुजफ्फरपुर-महुआगढ़ी-पुपरी मार्ग पर तीन, मुजफ्फरपुर-जजुआर-पहसौल मार्ग पर दो, मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर चार और मुजफ्फरपुर-कटरा-चामुंडा स्थान मार्ग पर चार बसों के परिचालन का प्रस्ताव है।

यात्रियों को करना पड़ रहा इंतजार:

इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होने से मुजफ्फरपुर से विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिल सकती है। हालांकि, बिजली कनेक्शन और बसों के आवंटन में देरी के कारण योजना का लाभ फिलहाल यात्रियों को नहीं मिल पा रहा है। मुजफ्फरपुर के साथ पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में भी ई-बस सेवा के लिए डिपो विकसित किए जा रहे हैं।

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनकर तैयार है। बिजली कनेक्शन के लिए रेलवे की एनओसी जरूरी है। रेलवे प्रशासन को पत्र लिखा गया है। जवाब मिलने और बिजली कनेक्शन होने के बाद ही बसों का परिचालन शुरू हो सकेगा।