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मुजफ्फरपुर में 10 महीने बाद दो लाख से नीचे आया चांदी का भाव, धनतेरस पर बढ़ेगी खरीदारी की उम्मीद

-मुजफ्फरपुर में 10 महीने बाद दो लाख से नीचे आया चांदी का भाव, धनतेरस पर बढ़ेगी खरीदारी की उम्मीद

मुजफ्फरपुर। सोना-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान ग्राहकों और सर्राफा कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। करीब दस महीने बाद चांदी की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गई है। 27 अक्टूबर को चांदी का भाव घटकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। कीमतों में आई इस गिरावट से धनतेरस और दीपावली पर खरीदारी बढ़ने की उम्मीद जगी है। स्थानीय सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक, भाव में नरमी आने के बाद बाजार में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ने लगी है। हालांकि, पिछले साल के धनतेरस की तुलना में चांदी अब भी करीब 18 हजार रुपये और सोना लगभग 13 हजार रुपये महंगा है।

चांदी की कीमतों में तेजी का दौर दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था। 17 दिसंबर को पांच हजार रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसका भाव 2.02 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गया था। जनवरी 2026 में कीमतों में तेजी और बढ़ी। 19 जनवरी को चांदी 3.20 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि 29 जनवरी को इसका भाव रिकॉर्ड चार लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया।

हालांकि, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। 30 जनवरी को भाव 45 हजार रुपये घटकर 3.55 लाख रुपये और 31 जनवरी को 35 हजार रुपये की गिरावट के साथ 3.20 लाख रुपये प्रति किलो रह गया। एक फरवरी को कीमत में 40 हजार रुपये की और कमी आई तथा भाव 2.80 लाख रुपये पर पहुंच गया।

फरवरी से अक्टूबर तक चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा। इस दौरान कभी दो हजार तो कभी पांच, दस, पंद्रह और बीस हजार रुपये तक की तेजी या गिरावट दर्ज की गई। 23 अक्टूबर को चांदी का भाव दो लाख रुपये के आसपास था, जो 27 अक्टूबर को घटकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलो हो गया।

सर्राफा संघ के संयुक्त मंत्री मयंक कुमार ने बताया कि चांदी की कीमतों में लगातार तेजी के कारण इसकी खरीदारी प्रभावित हुई थी। अब भाव में गिरावट आने से बाजार में सकारात्मक असर दिखने लगा है। धनतेरस को लेकर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। उन्होंने कहा कि चांदी के आभूषणों और अन्य उत्पादों में हॉलमार्क की मांग भी बढ़ रही है।

वहीं, सर्राफा संघ के संयुक्त मंत्री राजन कुमार ने बताया कि धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। सोने की तुलना में चांदी की बिक्री अधिक होती है। पिछले साल के मुकाबले कीमतें अब भी ऊंची हैं, लेकिन हालिया गिरावट से कारोबारियों को राहत मिली है। यदि कीमतों में स्थिरता बनी रहती है, तो इस बार धनतेरस और दीपावली के दौरान सर्राफा बाजार में अच्छी खरीदारी होने की उम्मीद है।