-मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन परियोजना की तैयारी तेज,20 नवंबर को प्रधानमंत्री कर सकते हैं शिलान्यास
-एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को लिखा पत्र
-3-ए और 3-डी की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर-सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और फोरलेन निर्माण परियोजना को लेकर प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है। परियोजना के शिलान्यास से पहले भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने की कवायद शुरू कर दी गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), मुजफ्फरपुर के परियोजना निदेशक विनीत कुमार बागेरिया ने इस संबंध में सक्षम प्राधिकार-सह-जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पत्र लिखा है।
पत्र के अनुसार, फोरलेन निर्माण परियोजना को भारत सरकार की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है और फिलहाल यह निविदा प्रक्रिया में है। 20 नवंबर 2026 को प्रधानमंत्री का बिहार आगमन प्रस्तावित है। इस दौरान मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन परियोजना का शिलान्यास कराए जाने की संभावना है। इसे देखते हुए परियोजना के लिए अर्जनाधीन अतिरिक्त भूमि की 3-ए अधिसूचना और 3-डी अधिघोषणा की प्रक्रिया जल्द पूरी करना आवश्यक बताया गया है।

एनएचएआई ने पूर्व में भेजी गई 3-ए अधियाचना की जांच के दौरान जिला भू-अर्जन कार्यालय के मापक की ओर से उठाई गई आपत्तियों का बिंदुवार निराकरण किया है। प्राधिकरण ने प्रस्तावित अधियाचना की दोबारा जांच कराकर तत्काल भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड करने का आग्रह किया है, ताकि शिलान्यास की संभावित तिथि से पहले जरूरी प्रक्रियाएं पूरी हो सकें।
पत्र में औराई अंचल के शाहपुर मौजा के पांच खेसरों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें खेसरा संख्या 0-5 और 6 का रकबा पहले ही गजट में प्रकाशित हो चुका है। इसलिए वर्तमान अधियाचना में इनका अर्जन रकबा शून्य दर्शाया गया है। अन्य मौजों में भी पूर्व में अधिग्रहित जमीन का रकबा इसी तरह दर्ज किया गया है।
वहीं, मकसुदपुर, मानिकपुर और विशुनपुर राजे मौजा में भूमि अधिग्रहण से संबंधित कुछ तकनीकी त्रुटियां सामने आई हैं। एनएचएआई के अनुसार, पूर्व में गजट में प्रकाशित रकबे को नहीं घटाए जाने के कारण ये विसंगतियां उत्पन्न हुई थीं। इनके समाधान के लिए परियोजना निदेशक ने भू-अर्जन कार्यालय के कानूनगो और मापकों के साथ संयुक्त जांच कराने तथा इसके लिए तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया है। अब इस परियोजना की शिलान्यास पूर्व तैयारियों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया जा रहा है।















