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मुजफ्फरपुर में मार्च तक स्थापित होंगी नौ आधुनिक गुड़ निर्माण इकाइयां

-मुजफ्फरपुर में मार्च तक स्थापित होंगी नौ आधुनिक गुड़ निर्माण इकाइयां

-गन्ना किसानों को मिलेगा लाभ

मुजफ्फरपुर। जिले में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार ने पहल की है। चौथे कृषि रोडमैप के तहत आगामी मार्च तक जिले में नौ अत्याधुनिक गुड़ निर्माण इकाइयां स्थापित करने की योजना है। इससे गन्ना उत्पादकों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तक ढुलाई करने और बिचौलियों पर निर्भर रहने की मजबूरी कम होगी। साथ ही, गुड़ निर्माण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जिले में फिलहाल करीब 300 एकड़ में गन्ने की खेती होती है। सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत इसे बढ़ाकर 400 एकड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के 144 चिह्नित गांवों को योजना में शामिल किया गया है। मोतीपुर, कांटी, साहेबगंज, मीनापुर, मड़वन, पारू, बंदरा और कुढ़नी प्रखंड गन्ना उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र हैं।


स्थानीय स्तर पर गुड़ निर्माण इकाइयां स्थापित होने से किसानों को गन्ने की ढुलाई पर होने वाले खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। किसान अपनी उपज को गुड़ में बदलकर बेहतर कीमत हासिल कर सकेंगे। फिलहाल बिहार में गुड़ की मांग का बड़ा हिस्सा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से पूरा होता है। स्थानीय उत्पादन बढ़ने से बाजार में बिहार के गुड़ की उपलब्धता बढ़ सकती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गन्ना उद्योग विभाग के तिरहुत प्रमंडल के सहायक निदेशक अरविंद कुमार रवि के अनुसार, किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले संकर बीज उपलब्ध कराने के लिए जिले में तीन विशेष गन्ना नर्सरियां स्थापित की जाएंगी। इसके लिए प्रगतिशील किसानों को अनुदान देने के उद्देश्य से 20 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इच्छुक किसान ‘केन केयर’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत कृषि वैज्ञानिकों की देखरेख में किसानों को रोगरोधी और अधिक मिठास वाले उन्नत बीज तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गुड़ निर्माण इकाइयों और गन्ना नर्सरियों की स्थापना से जिले में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ने, उत्पादन लागत घटने और किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है।