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मुजफ्फरपुर में वाहन से 9.5 लाख रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सुराग, तमिलनाडु और बेंगलुरु में छापेमारी की तैयारी

-मुजफ्फरपुर में वाहन से 9.5 लाख रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सुराग, तमिलनाडु और बेंगलुरु में छापेमारी की तैयारी

मुजफ्फरपुर। सदर थाना क्षेत्र में वाहन चालकों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने सुराग मिलने का दावा किया है। भगवानपुर में पूर्व सैनिक की स्कूटी की डिक्की से दो लाख रुपये और मझौलिया में शिक्षक की कार से साढ़े सात लाख रुपये चोरी करने के मामलों की जांच में तमिलनाडु के त्रिची (तिरुचिरापल्ली) के एक गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और नेशनल क्राइम एंड कोऑर्डिनेशन पोर्टल की मदद से संदिग्धों की पहचान की दिशा में अहम जानकारी जुटाई है। अब मामले के अनुसंधानकर्ता विशेष अनुमति लेकर तमिलनाडु के त्रिची और बेंगलुरु में छापेमारी करने की तैयारी कर रहे हैं।

भगवानपुर चौक स्थित एसबीआई बैंक के समीप बीते एक अगस्त को पहली घटना हुई थी। पूर्व सैनिक उमेश कुमार सिंह बैंक से दो लाख रुपये निकालकर स्कूटी की डिक्की में रखे थे। इसके बाद चेक पर हस्ताक्षर कराने के लिए वे दोबारा बैंक के अंदर चले गए। इसी दौरान बदमाशों ने स्कूटी की डिक्की से रुपये गायब कर दिए। घटना के बाद से पीड़ित पूर्व सैनिक न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

दूसरी घटना 13 अक्टूबर को मझौलिया इलाके में हुई। शिक्षक दिव्यांशु कुमार बैंक से साढ़े सात लाख रुपये निकालकर अपनी कार में रखे थे। इसके बाद वे कुछ जरूरी काम से थोड़ी देर के लिए कार से उतरे। इसी दौरान बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर बैग में रखे रुपये उड़ा लिए। दोनों घटनाओं में कुल साढ़े नौ लाख रुपये की चोरी हुई है।

पुलिस ने दोनों घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान सामने आए संदिग्धों की तस्वीरों को नेशनल क्राइम एंड कोऑर्डिनेशन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से मिलाया गया। पुलिस जांच में दोनों घटनाओं के फुटेज में एक ही संदिग्ध अपराधी दिखाई देने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि वारदात को अंजाम देने के बाद गिरोह के सदस्य दक्षिण भारत भाग गए हैं।

पुलिस के अनुसार, पांच अक्टूबर 2024 को भी भामा साह द्वार के पास पूर्व सैनिक नंदलाल राय की स्कूटी से ढाई लाख रुपये चोरी किए गए थे। उस घटना में भी इसी गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। पुलिस पुराने और हालिया मामलों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। संदिग्धों की तलाश में तमिलनाडु और बेंगलुरु में छापेमारी की तैयारी की जा रही है।