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मुजफ्फरपुर में फाइनेंस के नाम पर दबंगई, 9 रिकवरी एजेंट गिरफ्तार

-मुजफ्फरपुर में फाइनेंस के नाम पर दबंगई, 9 रिकवरी एजेंट गिरफ्तार

-खबड़ा में युवक की बाइक छीनी
-अहियापुर में पांच मालवाहक ट्रकों को रोका
-यार्ड में खड़ी गाड़ियों के कागजात खंगाल रही पुलिस

मुजफ्फरपुर: जिले में वाहनों की किस्त बकाया होने के नाम पर चालकों को डराने-धमकाने और जबरन वाहन कब्जे में लेने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर और अहियापुर थाना क्षेत्रों में अलग-अलग घटनाओं में कुल नौ रिकवरी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि एजेंट किस्त बकाया का हवाला देकर चालकों से जबरन गाड़ियां छीन रहे थे और उन्हें यार्ड में ले जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अब इन मामलों में संबंधित फाइनेंस यार्ड की भूमिका की भी जांच कर रही है।

पहली घटना सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा स्थित शिव मंदिर के पास शुक्रवार दोपहर की है। कुढ़नी थाना क्षेत्र के केरमा डीह निवासी दीपांशु कुमार अपने चचेरे भाई के साथ बाइक से शहर आ रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि दो युवकों ने उनका पीछा कर उन्हें रोका और दो महीने की किस्त बकाया होने की बात कहकर बाइक जबरन छीन ली। इसके बाद वे बाइक को खबड़ा मंदिर के पीछे ले गए। पीड़ित के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि खबड़ा स्थित एक फाइनेंस यार्ड का संचालक कथित तौर पर रिकवरी एजेंटों को संरक्षण दे रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर थानाध्यक्ष नवलेश कुमार आजाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संबंधित यार्ड में छापेमारी की। वहां खड़ी दर्जनों गाड़ियों के कागजातों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहनों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही थी या इसके नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी।

दूसरी घटना अहियापुर थाना क्षेत्र के पुरानी दरभंगा रोड स्थित बखरी चौक पर शुक्रवार रात हुई। यहां रिकवरी एजेंटों ने किस्त बकाया होने का हवाला देकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के सामान लदे पांच ट्रकों को कथित तौर पर जबरन रोक लिया। आरोप है कि एजेंटों ने चालकों के साथ अभद्रता की और उनसे मनमाने रुपये की मांग करते हुए ट्रकों को अपने यार्ड की ओर ले जाने की कोशिश की।

चालकों की सूचना पर पहुंची अहियापुर थाना पुलिस ने पांचों ट्रकों को मुक्त कराया और मौके से चार रिकवरी एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

दोनों घटनाओं में हुई कार्रवाई के बाद पुलिस फाइनेंस कंपनियों के नाम पर वाहन जब्ती और वसूली की प्रक्रिया की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि नियमों के उल्लंघन या अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।