-मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप पर मंथन
-428.29 वर्ग किमी क्षेत्र का होगा सुनियोजित विकास
-छठ के बाद योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे प्रमंडलीय आयुक्त, आयोजना प्राधिकार की वेबसाइट बनाने का निर्देश
मुजफ्फरपुर, 16 अक्टूबर। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की बैठक हुई। इसमें मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को योजनाबद्ध शहरीकरण के साथ आयोजना क्षेत्र के समावेशी एवं सतत विकास के लिए सभी जरूरी कार्यों को मास्टर प्लान में शामिल करने का निर्देश दिया।
बैठक में नगर विकास एवं आवास, राजस्व, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण, एनएचएआई, वन प्रमंडल, रेलवे, परिवहन, जल संसाधन, विद्युत आपूर्ति, बुडको और उद्योग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। आयुक्त ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सार्थक संवाद स्थापित कर सरकार के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान-2047 आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर के संतुलित, समावेशी और सतत विकास का मार्गदर्शक दस्तावेज बनेगा। इसमें भूमि उपयोग, परिवहन, आवास, आधारभूत संरचना, पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास और प्रस्तावित तिरहुत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति शामिल की जाएगी। बदलते शहरी स्वरूप, बड़े शहरों की प्रगति और आम जनता की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित योजना के तहत मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 428.29 वर्ग किलोमीटर है। इसमें मुजफ्फरपुर नगर निगम, कांटी नगर परिषद और माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत सहित तीन शहरी स्थानीय निकायों तथा 274 गांवों को शामिल किया गया है। जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया कुल 11 चरणों में पूरी की जानी है। फिलहाल पांचवें चरण के तहत विभिन्न हितधारक विभागों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है।
विभागों की भावी योजनाओं, वर्ष 2047 तक के विकास विजन, प्रस्तावित परियोजनाओं तथा भूमि एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी आवश्यकताओं को मास्टर प्लान में शामिल करने पर चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि विकास योजनाओं में दोहराव नहीं हो और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
उन्होंने अधिकारियों से आम लोगों और अन्य हितधारकों से सुझाव एवं फीडबैक लेने तथा नियमानुसार उपयोगी सुझावों को प्रारूप में शामिल करने को कहा। साथ ही, विभागीय अधिकारियों के साथ अलग-अलग विस्तृत परामर्श करने और क्षेत्र भ्रमण कर लोगों की जरूरतों को समझने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए नगर आयुक्त को मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर जनहित से जुड़ी सभी आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि नागरिकों को योजनाओं की जानकारी मिल सके।
बैठक में मास्टर प्लान की वर्तमान स्थिति, मानचित्र, डेटा, निर्माण कार्यों के नियमन, नियमों के अनुपालन और टास्क फोर्स के गठन सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए सूक्ष्म स्तर पर योजना तैयार करना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के बाद कार्यों की प्रगति की दोबारा समीक्षा की जाएगी।












