-गोविंद शर्मा हत्याकांड: मुख्य शूटर राजा सिंह 36 घंटे की पुलिस रिमांड पर
-मास्टरमाइंड और फंडिंग का खुलेगा राज
-90 से अधिक सवालों के जरिए होगी पूछताछ
-हत्या में इस्तेमाल चार पिस्टलों की बरामदगी पर पुलिस का फोकस
मुजफ्फरपुर। शहर के चर्चित गोविंद शर्मा हत्याकांड में मुख्य शूटर राजा सिंह से पूछताछ के लिए नगर थाना पुलिस को अदालत से 36 घंटे की रिमांड मिल गई है। शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद राजा सिंह को पुलिस शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा और गोपनीयता के बीच रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। मामले के अनुसंधानकर्ता सह नगर थानाध्यक्ष ने अदालत से चार दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने 36 घंटे की अनुमति दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान हत्याकांड की साजिश, शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने और हत्या के लिए रकम की व्यवस्था करने वालों की भूमिका का पता लगाने पर विशेष जोर रहेगा। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र, सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, एएसपी टाउन-1 सुरेश कुमार और डीआईयू की टीम राजा सिंह से पूछताछ करेगी। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि हत्या की साजिश किसने रची थी और वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों को किसने रकम उपलब्ध कराई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजा सिंह से पूछताछ के लिए 90 से अधिक सवालों की विस्तृत सूची तैयार की गई है। इसमें हत्याकांड की योजना बनाने, शूटरों के संपर्क, हथियारों की व्यवस्था, आर्थिक लेन-देन और घटना के बाद आरोपियों के ठिकानों से जुड़े सवाल शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से हत्याकांड के पीछे सक्रिय नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
गोविंद शर्मा की हत्या 31 मई की रात आइकॉन टावर अपार्टमेंट के बेसमेंट में गोली मारकर की गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान चार आधुनिक पिस्टलों से कुछ ही सेकंड में करीब 24 गोलियां चलाई गई थीं। घटना के बाद हथियारों को छिपा दिए जाने की बात सामने आई थी। अब रिमांड के दौरान पुलिस राजा सिंह की निशानदेही पर कथित तौर पर इस्तेमाल की गई चारों पिस्टलों को बरामद करने के लिए छापेमारी कर सकती है। हथियारों की बरामदगी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस हत्याकांड में पुलिस मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे रविकांत उर्फ बाबुल चौधरी, सहयोगी शूटर सौरभ कुमार और नामजद आरोपी रंजय उर्फ ओंकार सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, एक अन्य आरोपी मनीष कुमार अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल करने की तैयारी में है।
पुलिस के अनुसार, राजा सिंह ने 3 अक्टूबर को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इससे पहले 26 सितंबर को साहेबगंज के प्रतापट्टी स्थित उसके पैतृक आवास पर ढोल-नगाड़े के साथ इश्तहार चिपकाया गया था। इसके बाद उसने न्यायालय में सरेंडर कर दिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मदनानी गली स्थित तीन कट्ठा जमीन और ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर गोविंद शर्मा और बाबुल चौधरी के बीच पुरानी रंजिश थी। इसी विवाद के चलते रक्सौल से शूटर बुलाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, हत्याकांड की पूरी साजिश, फंडिंग और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस की पूछताछ और आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।
राजा सिंह की 36 घंटे की रिमांड को इस मामले में अहम माना जा रहा है। पुलिस की नजर हत्या में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी, साजिश के पीछे शामिल लोगों की पहचान और फरार आरोपी मनीष कुमार की गिरफ्तारी पर टिकी है।












