Advertisement

बिहार बंद का मुजफ्फरपुर में दिखा असर, आइसा-आरवाईए ने निकाला प्रतिरोध मार्च

-बिहार बंद का मुजफ्फरपुर में दिखा असर, आइसा-आरवाईए ने निकाला प्रतिरोध मार्च

मुजफ्फरपुर। आंदोलनकारी छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई और विभिन्न छात्र नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को आहूत बिहार बंद का असर मुजफ्फरपुर में देखने को मिला। आइसा, आरवाईए और भाकपा-माले के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हरिसभा चौक स्थित माले कार्यालय से निकला जुलूस कल्याणी चौक, मोतीझील, स्टेशन रोड, कंपनीबाग रोड, सरैयागंज, टावर चौक, जवाहरलाल रोड, हाथी चौक, पानीटंकी चौक और मिठनपुरा सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा।

प्रदर्शनकारियों ने आंदोलनकारी छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई रोकने, गिरफ्तार नेताओं और छात्रों की रिहाई, पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने तथा पेपर लीक के लिए जिम्मेदार केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रेस विज्ञप्ति में आइसा और आरवाईए ने दावा किया कि बिहार बंद प्रभावी रहा और कई स्थानों पर बाजारों व प्रमुख चौक-चौराहों पर सन्नाटा देखने को मिला।
प्रदर्शन का नेतृत्व आइसा नेता नीरज कुमार गुप्ता, मनीष कुमार, आरवाईए जिला अध्यक्ष विवेक कुमार, विकास कुमार, भाकपा-माले जिला सचिव जितेंद्र यादव, खेग्रामस के शत्रुघ्न सहनी, ऐपवा की रानी प्रसाद तथा एक्टू के मनोज यादव सहित अन्य नेताओं ने किया। जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, महिला कार्यकर्ता और किसान-मजदूर संगठन के सदस्य शामिल हुए।
इस दौरान आइसा, आरवाईए और भाकपा-माले के नेताओं ने बयान जारी कर कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को वे छात्र आंदोलन की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानते हैं। संगठनों ने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकारों और रोजगार के मुद्दे पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।