-बिहार को उद्योग और स्किल का हब बनाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
पटना/चकाई, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जमुई जिले के चकाई स्थित निर्माणाधीन अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्लांट के निर्माण कार्य और परियोजना की प्रगति की जानकारी दी। बताया गया कि प्लांट में मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
निरीक्षण के बाद प्लांट परिसर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि 105 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा यह ग्रेन-बेस्ड एथेनॉल प्लांट प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन करेगा। इसकी क्षमता 1000 किलोलीटर प्रतिदिन होगी। परियोजना में 20 मेगावाट की कैप्टिव पावर जेनरेशन सुविधा भी स्थापित की जाएगी। प्लांट के संचालन के लिए प्रतिदिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की जरूरत होगी, जिससे स्थानीय किसानों को उपज के लिए बाजार उपलब्ध होगा। प्लांट को जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणाली पर आधारित बताया गया।
बैठक में बताया गया कि अंकुर स्टील, अंकुर बायोकेम एथेनॉल, सीएलएम डेवलपर्स और अंकुर ट्रेडविस्टा समेत विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से जमुई में करीब 3400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की बात कही गई।

चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए करीब 9 हजार एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसमें लगभग 5 हजार एकड़ वन विभाग तथा 4 हजार एकड़ रैयती एवं अन्य श्रेणी की भूमि है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 10 से 12 दिनों के भीतर चिह्नित भूमि की मैपिंग कराने और वन क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया। रैयती एवं अन्य भूमि की भी विस्तृत जांच कर 30 अक्टूबर तक पूरा ब्यौरा तैयार करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को उद्योग और स्किल का हब बनाना सरकार की प्राथमिकता है। जमुई को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चकाई में स्थापित हो रहे एथेनॉल प्लांट से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने लछुआर मंदिर और गरही डैम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। लछुआर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए जनसुविधाओं और ठहरने की व्यवस्था विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही जिले में पुलिसिंग व्यवस्था मजबूत करने, नियमित पेट्रोलिंग, थाना स्तर पर कार्यों की समीक्षा और नशामुक्ति को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने भीम बांध से लक्ष्मीपुर तथा मुंगेर से गंगटा को जोड़ने वाली सड़कों की लगातार मॉनिटरिंग और रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। जिले में रोप-वे की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव भेजने तथा जंगल क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्रवाई का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, विधायक सावित्री देवी, विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और वरीय अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने चकाई पहुंचने के दौरान औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि का हवाई निरीक्षण भी किया।













