-गायघाट सीएचसी में दवाओं का टोटा, एक सप्ताह से एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म
-दाद-खाज की क्रीम और बच्चों का पैरासिटामोल सिरप भी नदारद, मरीज बाहर से दवा खरीदने को मजबूर
दीपक कुमार/गायघाट (मुजफ्फरपुर)। गायघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जरूरी दवाओं की कमी से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद टीका लगवाने पहुंच रहे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है या फिर दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
अस्पताल में दाद-खाज और खुजली की क्रीम के साथ बच्चों के लिए पैरासिटामोल सिरप समेत कई जरूरी दवाओं की भी कमी बताई जा रही है। इसके कारण सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बाहर की दवा दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

एंटी रैबीज इंजेक्शन की कमी से बढ़ी चिंता:
कुत्ते या अन्य संक्रमित जानवरों के काटने पर रेबीज से बचाव के लिए समय पर चिकित्सा सहायता और टीकाकरण बेहद जरूरी है। ऐसे में एक सप्ताह से एंटी रैबीज इंजेक्शन का उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। समय पर टीका नहीं मिलने से मरीजों के सामने परेशानी बढ़ सकती है। जानवर के काटने पर घाव को तत्काल साबुन और बहते पानी से करीब 15 मिनट तक धोना चाहिए तथा बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सलाह लेनी चाहिए।
जरूरी दवाओं की आपूर्ति कब होगी बहाल?
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मुफ्त या निर्धारित सरकारी व्यवस्था के तहत जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके बावजूद गायघाट सीएचसी में दवाओं की कमी से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। खासकर एंटी रैबीज इंजेक्शन की अनुपलब्धता से मरीजों को तत्काल दूसरे केंद्रों का रुख करना पड़ सकता है।
अब सवाल यह है कि अस्पताल में जरूरी दवाओं की आपूर्ति कब तक बहाल होगी और मरीजों को राहत कब मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग को इस समस्या पर शीघ्र ध्यान देकर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़े।












