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बीआरएबीयू में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का प्रदर्शन

-बीआरएबीयू में परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का प्रदर्शन

-कुलपति के नाम सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र

मुजफ्फरपुर, 23 जुलाई। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के परीक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्था, परीक्षाओं और परिणामों में लगातार हो रही देरी तथा छात्रों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुलपति के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं हो रही हैं और परिणामों के प्रकाशन में लगातार विलंब हो रहा है। साथ ही छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उनका यह भी कहना था कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारियां भी निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं, जिससे हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति से मिलने का कोई निर्धारित समय नहीं है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा नियंत्रक डॉ. रामकुमार, छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार, कॉलेज विकास परिषद के समन्वयक प्रो. रजनीश गुप्ता तथा उप-पंजीयक अमर बहादुर शुक्ला प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और परीक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने कहा कि छात्र हित विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मांग पत्र के सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
छात्रों ने अपने पांच सूत्री मांग पत्र में समयबद्ध परीक्षा एवं परिणाम की व्यवस्था लागू करने, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने, उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
छात्र प्रतिनिधि अभिनव राज ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की जर्जर परीक्षा व्यवस्था के विरोध में है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन तय समय के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करता है तो छात्र आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वहीं छात्र प्रतिनिधि मयंक मिश्रा ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल छात्रों के हितों की रक्षा करना और विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाना है। प्रशांत गौतम ने भी कहा कि यदि प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई करता है तो छात्र उसका स्वागत करेंगे, अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।