– अब छोटे किसानों को किराये पर मिलेंगे आधुनिक कृषि यंत्र
-औराई में खुलेगा कृषि यंत्र बैंक
-जिले में आठ कस्टम हायरिंग सेंटर और तीन विशेष केंद्रों को मंजूरी
-कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत 1461 किसानों को अनुदान पर यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी
-कृषि उपकरणों की खरीद पर मिलेगा 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान
मुजफ्फरपुर। जिले के छोटे और सीमांत किसानों को अब खेती के लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदने की मजबूरी नहीं होगी। किसान अपनी जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर, रोटावेटर, कंबाइंड हार्वेस्टर, सीड ड्रिल और बेलर जैसे आधुनिक कृषि उपकरण किराये पर लेकर खेती कर सकेंगे। इसके लिए जिले के औराई में कृषि यंत्र बैंक की स्थापना की जाएगी। साथ ही जिले में आठ कस्टम हायरिंग सेंटर और तीन विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने की स्वीकृति दी गई है।
औराई में कृषि यंत्र बैंक की स्थापना के लिए बागमती किसान उत्पादक संगठन को परमिट जारी किया गया है। इस बैंक के माध्यम से किसानों को निर्धारित रियायती दर पर आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे छोटे और सीमांत किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने में बड़ी पूंजी खर्च नहीं करनी पड़ेगी।

जिले में कृषि यंत्रों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से आठ कस्टम हायरिंग सेंटर और तीन विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने की मंजूरी मिली है। इन केंद्रों से किसान अपनी जरूरत और खेती के क्षेत्रफल के अनुसार उपकरण किराये पर ले सकेंगे। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से निर्धारित दर के आधार पर किराया लिया जाएगा।
वहीं, कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत जिले के 1461 किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र खरीदने के लिए परमिट जारी किया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि किसानों और किसान समूहों का चयन राज्य स्तर पर लॉटरी के माध्यम से किया गया है। चयनित किसान निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर अनुदान का लाभ लेते हुए कृषि उपकरण खरीद सकेंगे।
कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत विभिन्न कृषि उपकरणों की खरीद पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है। उप निदेशक कृषि यांत्रिकरण अजीत कुमार ने बताया कि कृषि यंत्र बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, कृषि कार्य समय पर पूरा होगा और किसानों की लागत कम करने में मदद मिलेगी।










