-धनतेरस-दीपावली पर मुजफ्फरपुर में कड़ी सुरक्षा, 292 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात
-सात मुख्य मार्गों पर 15 गश्ती दल करेंगे लगातार निगरानी
-14 सेक्टर दंडाधिकारी त्वरित कार्रवाई के लिए रहेंगे तैनात
-सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
-अवैध पटाखों की बिक्री पर छापेमारी, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
मुजफ्फरपुर। धनतेरस एवं दीपावली पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की व्यापक तैयारी की है। जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। अफवाहों का तत्काल खंडन करने, सघन गश्ती करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया।
प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले में 292 स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनके कार्यों की निगरानी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए 14 सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा सात मुख्य मार्गों पर 15 गश्ती दलों का गठन किया गया है, जो लगातार भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे। संवेदनशील बाजारों, स्थलों एवं मार्गों पर भी अतिरिक्त गश्ती दल गठित करने का निर्देश दिया गया है।
डीएम एवं एसएसपी ने थानाध्यक्षों और एसडीपीओ को क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने, बाइक पेट्रोलिंग कराने तथा स्थानीय आसूचना तंत्र को मजबूत रखने का निर्देश दिया। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रखने के साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) एवं क्विक मेडिकल रिस्पांस टीम (क्यूएमआरटी) को सक्रिय रखने को कहा गया है।

नगर भवन के समीप इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यह 6 नवंबर की सुबह छह बजे से 9 नवंबर की सुबह छह बजे तक तीन पालियों में संचालित होगा। यहां दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती रहेगी। किसी गंभीर घटना की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पर्व के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल के लिए सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विद्यालय, न्यायालय एवं अस्पतालों के 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर बजाने और माइक लगाने की अनुमति नहीं होगी। अश्लील एवं भड़काऊ गाने बजाने पर भी रोक रहेगी।
प्रशासन ने अवैध पटाखों की बिक्री रोकने के लिए धावा दल को सक्रिय रखने और सघन छापेमारी करने का निर्देश दिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सिविल सर्जन को एंबुलेंस, चिकित्सकों की टीम और जलने से संबंधित उपचार की दवाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है। अग्निशमन विभाग को नियंत्रण कक्ष सहित सभी अनुमंडलों में प्रमुख स्थानों पर अग्निशमन वाहन तैनात रखने का निर्देश दिया गया है।
डीएम एवं एसएसपी ने मूर्ति विसर्जन के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन कराने तथा प्रवाहित नदियों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक सुनिश्चित करने को कहा है। विसर्जन के लिए नगर निकाय क्षेत्रों या नदी किनारे बनाए गए अस्थायी तालाबों का उपयोग किया जाएगा।
प्रशासन ने आम लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना डायल 112 पर देने की अपील की है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि पर्व के दौरान किसी भी नियम या आदेश की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धनतेरस एवं दीपावली के दौरान दोनों अनुमंडलों में एसडीओ एवं एसडीपीओ विधि-व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहेंगे।










