Advertisement

डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती में मुजफ्फरपुर से बड़ी भागीदारी की अपील

-डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती में मुजफ्फरपुर से बड़ी भागीदारी की अपील

-पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा—नई पीढ़ी तक पहुंचाना है श्री बाबू के योगदान का संदेश

मुजफ्फरपुर। गोबरसही स्थित होटल मौर्या के शगुन बैंक्विट हॉल में शनिवार को डॉ. श्रीकृष्ण सिंह जयंती समारोह आयोजन समिति की बैठक हुई। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित होने वाले श्री बाबू की जयंती समारोह की तैयारियों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुजफ्फरपुर से बड़ी संख्या में लोगों से समारोह में शामिल होने की अपील की गई।

डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह का मुजफ्फरपुर से पुराना संबंध रहा है। वह कई बार तिलक मैदान आए और बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। महेश बाबू के साथ भी उनके प्रगाढ़ संबंध थे। उन्होंने बताया कि ललितेश्वर प्रसाद शाही और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की प्रेरणा एवं सहयोग से प्रदेश स्तर पर श्री बाबू की जयंती मनाने की परंपरा शुरू हुई, जो पिछले 26 वर्षों से लगातार जारी है। उन्होंने इस परंपरा को जीवनपर्यंत आगे बढ़ाने का संकल्प जताया।

उन्होंने कहा कि जयंती समारोह का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को श्री बाबू के योगदान और विचारों से परिचित कराना है। उनके कार्यकाल में बिहार ने उद्योग, शिक्षा और विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की थी। डॉ. सिंह ने राज्य में चीनी उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए लोगों से श्री बाबू के आदर्शों को याद करने और उनके योगदान से प्रेरणा लेने की अपील की।

कांग्रेस नेता धर्मवीर शुक्ला ने कहा कि मुजफ्फरपुर से बड़ी संख्या में लोग पटना पहुंचकर समारोह को सफल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह श्री बाबू के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। नगर के पूर्व विधायक विजेंद्र चौधरी ने भी महापुरुषों के विचारों और योगदान को याद करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक अनिल कुमार ने कहा कि बिहार के निर्माण और विकास में श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। नई पीढ़ी को उनके कार्यों से अवगत कराना जरूरी है।