-एसकेएमसीएच : घायल मासूम को इलाज के लिए आधे घंटे करना पड़ा इंतजार
मुजफ्फरपुर। जिले के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गायघाट थाना क्षेत्र के कमरथू गांव निवासी संतोष कुमार के तीन वर्षीय पुत्र शिवांस की खेलने के दौरान कांच के गिलास पर गिरने से नाक कट गई। खून से लथपथ मासूम को लेकर परिजन पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां से उसे बिना टांके लगाए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी बच्चे को तत्काल इलाज नहीं मिल सका और परिजनों को करीब आधे घंटे तक ईएनटी विभाग के चिकित्सक का इंतजार करना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, इमरजेंसी में पर्चा कटाने के बावजूद घायल बच्चे का उपचार समय पर शुरू नहीं हुआ। रात की ड्यूटी में तैनात सीनियर रेजिडेंट डॉ. अकबर जमां और जूनियर रेजिडेंट डॉ. इमाम अंसारी के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया गया है। इस दौरान दर्द से परेशान मासूम की हालत देखकर परिजन चिंतित रहे।

आरोप है कि अस्पताल के कंट्रोल रूम मैनेजर ने शुरुआत में ड्यूटी पर चिकित्सक के मौजूद होने की बात कही, लेकिन जानकारी लेने पर डॉक्टरों के उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसी बीच एक स्थानीय युवक ने मदद के लिए पहल की। उसने बच्चे के घाव और संबंधित कागजात की तस्वीर व्हाट्सएप के जरिए दूसरे चिकित्सक को भेजी। वहां से मिले चिकित्सकीय निर्देश के बाद ड्रेसिंग कक्ष में बच्चे का प्राथमिक उपचार किया जा सका।
गौरतलब है कि बीते 12 अक्टूबर को अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने इमरजेंसी वार्ड का औचक निरीक्षण किया था। उस दौरान भी ईएनटी विभाग की सीनियर रेजिडेंट डॉ. दिव्या भारती समेत कई चिकित्सक ड्यूटी से अनुपस्थित मिले थे। ईएनटी और नेत्र विभाग के डॉक्टरों के इमरजेंसी ड्यूटी से गायब रहने की शिकायतें मिलने के बाद अधीक्षक ने एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया था।
इसके बावजूद दोबारा सामने आए इस मामले ने अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था और ड्यूटी पर चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को समय पर इलाज मिलना जरूरी है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले की जांच कर जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।












