Advertisement

नाबालिग के अपहरण और 50 लाख की फिरौती मांगने के मामले में तीन गिरफ्तार, कोर्ट परिसर में भिड़े दोनों पक्ष

-नाबालिग के अपहरण और 50 लाख की फिरौती मांगने के मामले में तीन गिरफ्तार, कोर्ट परिसर में भिड़े दोनों पक्ष

-साहेबगंज से किशोरी को नेपाल ले जाकर बंधक बनाने का आरोप, पुलिस ने पीड़िता को अभिरक्षा में लिया

मुजफ्फरपुर। साहेबगंज थाना क्षेत्र से नाबालिग किशोरी का कथित अपहरण कर नेपाल में बंधक बनाने और उसे छोड़ने के बदले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पूर्वी चंपारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रायसिंघा निवासी राजा बाबू, मो. इनामुल और एक विधि विरुद्ध किशोर शामिल हैं। शुक्रवार को आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के दौरान परिसर में दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और उनके बीच झड़प हो गई। सूचना मिलने पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने किशोरी को भी अभिरक्षा में लिया है।

पुलिस पूछताछ के बाद तीनों आरोपितों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश करने के लिए लाया गया था। इसी दौरान आरोपित पक्ष की ओर से भी दर्जनों लोग कोर्ट परिसर में जुट गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद और झड़प शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। मामले में अदालत ने गिरफ्तार दो आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि विधि विरुद्ध किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। झड़प के बाद पुलिस ने तुरकौलिया के एक युवक को हिरासत में लिया है। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

मामले में साहेबगंज निवासी और विदेश में कारोबार करने वाले एक व्यवसायी ने 14 अक्टूबर को साहेबगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें सात लोगों को नामजद करने के साथ सात अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, 10 अक्टूबर को आरोपितों ने कारोबारी की नाबालिग बेटी का कथित तौर पर कार से अपहरण कर लिया था। आरोप है कि किशोरी को नकदी और जेवरात के साथ नेपाल सीमा पार ले जाकर जितपुर में बंधक बना लिया गया। इसके बाद उसे छोड़ने के बदले 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।

व्यवसायी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि अपहरण के दौरान किशोरी के पास मौजूद 13 तोला सोना, 500 ग्राम चांदी और जमीन-मकान खरीदने के लिए रखे गए 2.14 लाख रुपये भी ले लिए गए। आरोप है कि आरोपितों ने फोन कर किशोरी को बंधक बनाए जाने की जानकारी दी और नेपाल में दिए गए एक नंबर पर संपर्क कर फिरौती की रकम की व्यवस्था करने को कहा। परिजनों को विश्वास दिलाने के लिए किशोरी की तस्वीर भेजे जाने की बात भी प्राथमिकी में कही गई है।

पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को पीड़िता का बयान दर्ज नहीं हो सका। कानूनी प्रक्रिया के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज कराया जाएगा। पुलिस मामले में अन्य आरोपितों की तलाश कर रही है। साथ ही, कथित अपहरण, फिरौती और किशोरी को नेपाल ले जाने से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मानव तस्करी की आशंका समेत अन्य बिंदुओं पर भी छानबीन जारी है।