-यूजीसी के नए नियमों के विरोध में मुजफ्फरपुर में सवर्ण समाज का जन आक्रोश मार्च
-आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग
मुजफ्फरपुर। यूजीसी के नए नियमों और वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के विरोध में बुधवार को मुजफ्फरपुर में सवर्ण समाज संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में विशाल जन आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में समाज के बुद्धिजीवी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के कथित सवर्ण विरोधी प्रावधानों को वापस लेने और आरक्षण नीति की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग उठाई।
आक्रोश मार्च शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल से शुरू होकर सरैयागंज टावर होते हुए समाहरणालय पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से नीतिगत बदलाव की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरक्षण का आधार केवल जाति नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति भी होनी चाहिए। उन्होंने वर्तमान आरक्षण नीति की नए सिरे से समीक्षा करने, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों की समीक्षा की मांग की। साथ ही यूजीसी के नए नियमों को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।

मार्च के समापन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के नियमों और आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी अपनी मांगों एवं चिंताओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में सवर्ण समाज संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक रघुनंदन प्रसाद सिंह उर्फ अमर बाबू, पूर्व उपप्रमुख रंजन कुमार सिंह, पूर्व जिला पार्षद शशि कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को आगे जारी रखने की बात कही।










