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महिला से कथित अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल, पुलिस पर उठे सवाल

-महिला से कथित अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल, पुलिस पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर/कांटी। कांटी थाना क्षेत्र के बरियारपुर नरसंडा गांव में एक महिला के साथ पुलिस के कथित अमानवीय व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी महिला को बाल पकड़कर घसीटते और डायल-112 वाहन से नीचे गिराते नजर आ रहे हैं। वीडियो में महिला के साथ कथित मारपीट और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है। हालांकि, A2Z news live वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
वायरल वीडियो में कांटी थाने में कार्यरत दारोगा निवेदिता, डायल-112 के पदाधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। घटना शुक्रवार रात की बतायी जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नरसंडा गांव की महिला ने बरियारपुर निवासी एक युवक से मई 2026 में मंदिर में अंतर्जातीय प्रेम विवाह किया था। महिला के मुताबिक, शादी के बाद उसका पति कुछ दिनों तक उसके साथ रहा, लेकिन इसके बाद वह कई महीनों से गायब है। ससुराल पक्ष द्वारा उसे रखने से इनकार किए जाने की बात भी सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि महिला अपने पति से संबंधित समस्या को लेकर उसके दरवाजे पर न्याय की गुहार लगाने पहुंची थी।

हालांकि, परिजनों के अनुसार पति अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में शहर से बाहर था। इसके बाद महिला अपने पति के भाई के दरवाजे पर जाकर बैठ गयी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को वहां से हटाने का प्रयास किया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा महिला को जबरन हटाने और बल प्रयोग करने का दृश्य दिखाई दे रहा है। मौके पर मौजूद कुछ लोग पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए भी नजर आ रहे हैं।
घटना का पूरा कारण क्या था और पुलिस महिला को किस मामले में वहां से हटाने पहुंची थी, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आयी है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने महिला के साथ कथित बल प्रयोग और मारपीट को लेकर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिख रहे घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई के कारणों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।