-सावन में बाबा गरीबनाथ की भक्ति से गुलजार होगा मुजफ्फरपुर
-150 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद
मुजफ्फरपुर। भगवान शिव के पवित्र माह सावन की शुरुआत में अब कुछ ही दिन शेष हैं। 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन में बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों के पहुंचने की संभावना है। पहली सोमवारी 3 अगस्त को पड़ेगी। सावन को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर है और इसका असर शहर के बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। कपड़ा, फल, खाद्यान्न, पूजा सामग्री और प्रसाद की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार पूरे सावन माह में करीब 150 करोड़ रुपये का कारोबार होगा।
व्यापारियों के अनुसार पिछले दो वर्षों में सावन के कारोबार में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और शिवभक्तों की तैयारियों को देखते हुए इस वर्ष भी बाजार में अच्छी बिक्री की उम्मीद है। शहर का सूतापट्टी होलसेल बाजार गेरुए कपड़ों, केसरिया साड़ियों, टी-शर्ट और हाफ पैंट की खरीदारी से गुलजार है। यहां से उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल तक बड़ी मात्रा में सामान भेजा जा रहा है। अकेले कपड़ा बाजार में करीब 50 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया गया है।

सावन में लगने वाले भंडारों और शिविरों के कारण फल और खाद्यान्न की मांग भी काफी बढ़ गई है। फल मंडी में प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है, जो पूरे महीने में लगभग 60 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं भंडारों के लिए करीब 16 करोड़ रुपये के खाद्यान्न की बिक्री का अनुमान है।
प्रसाद और मिष्ठान बाजार भी पूरी तरह तैयार है। इलायचीदाना, चूड़ा और पेड़ा की मांग तेजी से बढ़ रही है। दुकानदार प्रतिदिन करीब 15 क्विंटल इलायचीदाना तैयार कर रहे हैं। इस श्रेणी में करीब छह करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।
पूजा सामग्री की दुकानों पर इंडोनेशियाई रुद्राक्ष, अष्टगंध चंदन, पीतल और तांबे के लोटों की खरीदारी भी जोरों पर है। इस क्षेत्र में करीब चार करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान है। इसके अलावा लहठी के कारोबार से करीब पांच करोड़ रुपये और श्रृंगार प्रसाधनों की बिक्री से लगभग दो करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है।
सावन के आगमन के साथ मुजफ्फरपुर में एक ओर जहां बाबा गरीबनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर का बाजार भी पूरी तरह शिवमय हो चुका है। व्यापारियों को उम्मीद है कि इस बार सावन का सीजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय कारोबार के लिए भी बेहद लाभदायक साबित होगा।












