-राहुल गांधी की गिरफ्तारी और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में राजापाकर में कांग्रेस का प्रतिरोध मार्च, प्रधानमंत्री का पुतला दहन
राजापाकर, संवाददाता। राहुल गांधी की गिरफ्तारी तथा छात्रों पर कथित बर्बरतापूर्ण दमन और लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को वैशाली जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के तत्वावधान में राजापाकर में प्रतिरोध मार्च निकाला गया। मार्च एतवार हाट से शनिचर हाट तक निकाला गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष पवन दास ने की।
प्रतिरोध मार्च के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वैशाली जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष रणजीत पंडित ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस देश के छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद होना चाहिए, लाठी नहीं।

इंटक के जिला महामंत्री विपिन कुमार सिंह और चंदन कुमार यादव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं और छात्रों के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय है। उनका कहना था कि ये सभी छात्र-युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया गया।
सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में चर्चा कराने तथा नई दिल्ली में छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर और आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रणजीत पंडित, तपसी प्रसाद सिंह, इंटक के विपिन कुमार सिंह, सचिन कुमार यादव, मोहम्मद सोहेल, विपिन कुमार राय, सुबोध पासवान, संजीव कुमार राय, प्रदीप कुमार, ब्रजमोहन सिंह, नीतीश कुमार, अनिल कुमार, अरविंद कुमार, सौरभ कुमार, आकांक्षु यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












