-उत्तर बिहार में 22 से 26 जुलाई तक अच्छी बारिश के आसार नहीं, किसानों को कृषि विश्वविद्यालय की सलाह
पूसा (समस्तीपुर)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (आरपीसीएयू), पूसा स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र ने 22 से 26 जुलाई 2026 तक का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। कृषि मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि 23 और 24 जुलाई को गोपालगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, सिवान तथा पूर्वी और पश्चिमी चंपारण के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 85 से 95 प्रतिशत और दोपहर में 50 से 60 प्रतिशत रहने की संभावना है। पूर्वी दिशा से 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र, पूसा के अनुसार पिछले तीन दिनों में औसत अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की औसत सापेक्षिक आर्द्रता 91 प्रतिशत तथा दोपहर में 86 प्रतिशत रही। औसत हवा की गति 7 किलोमीटर प्रति घंटा, दैनिक वाष्पीकरण 4.4 मिलीमीटर और सूर्य की औसत चमक मात्र 0.3 घंटे प्रतिदिन रिकॉर्ड की गई। इस अवधि में मौसम शुष्क बना रहा।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि ऊंची भूमि वाले क्षेत्रों में, जहां धान की खेती संभव नहीं है, वहां इस सप्ताह के भीतर तिल की बुआई पूरी कर लें। अच्छी जल निकासी वाली भूमि में अरहर की बुआई करें तथा मिर्च की नर्सरी ऊंची क्यारियों में तैयार करें। इसके अलावा मिश्रीकंद (शकरकंद) की बुआई, प्याज की नर्सरी की देखभाल और मशरूम उत्पादन से जुड़े कार्य भी मौसम को ध्यान में रखते हुए करने की सलाह दी गई है।
कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े सभी कार्य करें और फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसित तकनीकों का पालन करें, ताकि मौसम में संभावित बदलाव का असर फसल उत्पादन पर कम से कम पड़े।











