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बंदरा में गाजर किसानों पर संकट: खरीदार नहीं मिलने से खेत से कोल्ड स्टोर तक सड़ रही फसल, भारी आर्थिक नुकसान

-बंदरा में गाजर किसानों पर संकट: खरीदार नहीं मिलने से खेत से कोल्ड स्टोर तक सड़ रही फसल, भारी आर्थिक नुकसान

मुजफ्फरपुर। जिले के बंदरा प्रखंड के गाजर उत्पादक किसान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। अच्छी पैदावार होने के बावजूद स्थानीय बाजार में खरीदार नहीं मिलने से किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ रही है, जबकि बड़ी मात्रा में गाजर सड़कर बर्बाद हो रही है। कई किसानों को मजबूरी में सड़ी हुई फसल फेंकनी पड़ रही है।
किसानों ने बताया कि इस वर्ष उन्होंने महंगे बीज, खाद और सिंचाई पर भारी खर्च कर गाजर की खेती की थी। फसल भी उम्मीद के मुताबिक तैयार हुई, लेकिन क्षेत्र में पर्याप्त बाजार और खरीदार नहीं होने से उनकी उपज नहीं बिक सकी। बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में कई किसानों ने गाजर को कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा, लेकिन बढ़ती गर्मी और पर्याप्त शीतलन व्यवस्था नहीं होने के कारण वहां भी करीब 50 प्रतिशत गाजर खराब हो गई।
रतवारा, मतलूपुर समेत आसपास के गांवों के किसानों का कहना है कि फसल तैयार करने में लगी लागत भी अब निकलना मुश्किल हो गया है। लगातार हो रहे नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है और खेती करना भी चुनौती बनता जा रहा है।


किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में सब्जियों के लिए व्यवस्थित मंडी और आधुनिक भंडारण सुविधा का अभाव है। यदि स्थानीय स्तर पर बाजार और बेहतर कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था होती तो उनकी फसल बर्बाद नहीं होती। किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने, स्थानीय सब्जी मंडी स्थापित करने तथा आधुनिक भंडारण व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन बढ़ने के साथ यदि विपणन और भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं हो, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बंदरा के गाजर किसानों की मौजूदा स्थिति भी इसी समस्या का उदाहरण बन गई है।