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700 एकड़ उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने निकाला साइकिल-मोटरसाइकिल मार्च

-700 एकड़ उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने निकाला साइकिल-मोटरसाइकिल मार्च

पारू/मुजफ्फरपुर। पारू प्रखंड के चैनपुर चिउटाहा, विशुनपुर सरैया, हरपुर कपरफोरा, भोजपट्टी और चतुरपट्टी गांव के किसानों की करीब 700 एकड़ उपजाऊ जमीन के प्रस्तावित अधिग्रहण के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों किसानों ने साइकिल और मोटरसाइकिल मार्च निकाला। मार्च का आयोजन अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा एवं भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर किया गया।
किसानों ने प्रभावित गांवों में भ्रमण करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने “जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे”, “भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आम किसान एक हो” और “उपजाऊ जमीन के जबरन अधिग्रहण पर रोक लगाओ” जैसे नारे लगाए। मार्च चतुरपट्टी स्थित विषहर स्थान पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया।


सभा की अध्यक्षता किसान जवाहर प्रसाद यादव ने की। अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के राज्य अध्यक्ष उदय चौधरी ने कहा कि किसानों की सहमति के बिना उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जो किसान विरोधी नीति है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के तहत किसानों की सहमति का भी प्रावधान है, लेकिन सरकार जबरन जमीन अधिग्रहण करने का प्रयास कर रही है।
भगत सिंह छात्र नौजवान सभा के राज्य कमिटी सदस्य अनुकूल कुमार ने कहा कि सरकार को बंद पड़े उद्योगों को पहले चालू करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि योग्य जमीन लेकर उसे पूंजीपतियों को देने की साजिश की जा रही है।
भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति के संयोजक विश्वनाथ साह ने कहा कि किसानों के पास खेती के लिए जमीन नहीं होगी तो जनप्रतिनिधियों को वोट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग नहीं मानी गई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
सभा को किसान नेता रामानंद राम, जट्टू राय, अनिसुर रहमान, शोभाजित यादव, रामेश्वर सिंह, मंजूर आलम, रामाधार राय और नागेंद्र बैठा सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया। प्रेस विज्ञप्ति अखिल भारतीय खेत मजदूर किसान सभा के जिला कमेटी सदस्य रामानंद राम एवं भूमि बचाओ किसान संघर्ष समिति के संयोजक विश्वनाथ साह ने जारी की।