-वैशाली -सीएम ने गोरौल मे गुलाम रसूल साह वारशी के मजार पर माथा टेक सूबे मे अमन चैन की दुआ मांगी
वैशाली / सुधांशु।
समाधान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री तेजश्वी यादव ने कटरमाला पंचायत के हरशेर गांव में पहुचकर लोगो से मिले. सबसे पहले हरशेर गांव स्थित गुलाम रसूल साह वारसी के मजार पर माथा टेका चादर चढ़ाया और सूबे में अमन चैन की कामना किया। चादरपोशी में विधान परिषद के सभापति देवेश चन्द्र ठाकुर, मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी भाग लिया। इसी गांव स्थित जगदम्बा स्थान पर भी पहुचे वहा पर पूजा अर्चना किया और विहार में सुख शांति का आशीर्वाद मंगा।भीषण ठंड के बाद भी समाधान यात्रा के क्रम में गोरौल प्रखंड अंतर्गत कटरमाला पंचायत स्थित हरशेर गांव में शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुचे. जहाँ पर स्थानीय विधायक सिद्धार्थ पटेल ने उन्हें बुके और चादर भेट कर उनका स्वागत किया। यात्रा के दौरान ही थोड़ी धूप दिखाई दीं तो इसपर मुख्यमंत्री ने पहले रुके भगवान सूर्य को प्रणाम की।उसके वाद सड़क के दोनों तरफ लगे स्टॉलों को देखने लगे।

हरशेर गांव में पहुचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देखने के लिये लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी। भीषण ठंड से बेपरवाह महिला, पुरुष,बुजुर्ग यहां तक कि बच्चे भी बिहार के मुखिया की एक झलक पाने को बेताब दिखे। लोग घरों के दरवाजे को कौन कहे छत पर भी चढ़े हुय थे।एन एच 22 को कौन कहे ग्रामीण सड़क के दोनों तरफ लम्बी लम्बी कतारे में लोग खरे थे. लोगो की भीड़ को देखकर सीएम काफी खुश थे। हाथ हिलाकर लोगो का अभिवादन किया।लोगो से विकास की जानकारी लिया. विकास कार्यो से रूबरू होते हुय और विकास करने का भरोसा लोगो को देते गयें ।

मुख्यमंत्री इसके पहले हरशेर स्थित चन्द्रा पेट्रौल पम्प पर रुके। वहा भारी संख्या मे महागठबंधन के कार्यकर्ता पहले से जमे हुय थे।सीएम नीतीश कुमार के काफिला रुकते ही कार्यकताओ ने उन्हें मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री को फूल मालाओं से लाद दिया। सबसे पहले विधान परिषद के सभापति देवेश चन्द्र ठाकुर ने तिरहुत क्षेत्र की धरती पर आगमन के लिये फूलो से भरा गुलदस्ता देकर स्वागत किया। वही स्वागत के दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक सिद्धार्थ पटेल, जिलाध्यक्ष सुभाष चंद्र सिंह, प्रखंड अध्यक्ष उमेश सिंह उर्फ भगवान सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे.।समाधान यात्रा के दौरान बाल विकास परियोजना कार्यालय गोरौल द्वारा पर्दशनी लगाया गया था।












