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सीतामढ़ी से तिरुपति के लिए पहली नियमित ट्रेन रवाना, लोको पायलट का हुआ भव्य स्वागत

-सीतामढ़ी से तिरुपति के लिए पहली नियमित ट्रेन रवाना, लोको पायलट का हुआ भव्य स्वागत

सीतामढ़ी। मिथिलांचल के रेल यात्रियों के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। सीतामढ़ी से दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक नगर तिरुपति के लिए पहली नियमित ट्रेन सेवा संख्या 17433/17434 का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ, सीतामढ़ी के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका तथा कैट के सचिव आलोक कुमार ने ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी से भगवान वेंकटेश्वर (तिरुपति बालाजी) की नगरी तिरुपति के लिए नियमित रेल सेवा शुरू होने से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इससे मिथिलांचल के यात्रियों को दक्षिण भारत की यात्रा अधिक सरल, सुलभ और सुविधाजनक होगी।

कार्यक्रम के दौरान रक्सौल से चलकर सीतामढ़ी पहुंची पहली ट्रेन के लोको पायलट नवीन कुमार-2 एवं सहायक लोको पायलट चंदन सिंह को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें माता सीता की प्राकट्य झांकी एवं प्रमुख तीर्थस्थलों का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह, समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा सहित सभी रेल अधिकारियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम में स्टेशन अधीक्षक नीतीश्वर कुमार सिंह, सीएचआई कैलाश प्रसाद शिव, रेलकर्मी सुनील कुमार, रामजी कुमार, रिशु कुमार, संतोष कुमार, मनोज कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

राजेश कुमार सुन्दरका ने बताया कि ट्रेन संख्या 17434 प्रत्येक गुरुवार को रक्सौल से सुबह 3:15 बजे प्रस्थान करेगी तथा सीतामढ़ी स्टेशन पर सुबह 4:42 बजे पहुंचकर पांच मिनट के ठहराव के बाद 4:47 बजे तिरुपति के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन दरभंगा, समस्तीपुर, बरौनी, किउल, झाझा, धनबाद, रांची, राउरकेला, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, सिकंदराबाद और रेनिगुंटा सहित अनेक प्रमुख स्टेशनों से होकर शनिवार सुबह 9:30 बजे तिरुपति पहुंचेगी।

वापसी में ट्रेन संख्या 17433 तिरुपति से सोमवार सुबह 8:15 बजे रवाना होकर बुधवार दोपहर 2:55 बजे सीतामढ़ी पहुंचेगी। लगभग 2716 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन मिथिलांचल और दक्षिण भारत के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगी।