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शिक्षक को छात्र का मार्गदर्शक बनना चाहिए : रविंद्र कान्हरे

-शिक्षक को छात्र का मार्गदर्शक बनना चाहिए : रविंद्र कान्हरे

भागलपुर।
शनिवार को भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर, नरगाकोठी भागलपुर में आयोजित जिला केंद्र सशक्तिकरण कार्यक्रम के तृतीय दिवस का शुभारंभ विद्या भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कान्हरे ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के वंदना सभागार में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा एवं पूरनमल शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य राजेश कुमार वर्मा भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कान्हरे ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक वही बनना चाहिए जिसे पढ़ने-पढ़ाने में रुचि हो। शिक्षक को पाठ्यवस्तु का गहन अध्ययन कर कक्षा में प्रवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि छात्र का मार्गदर्शक और कैरियर काउंसलर भी होना चाहिए। छात्र शिक्षक के रहन-सहन, खान-पान, बोलचाल और व्यवहार को देखकर उसे आदर्श मानते हैं और उसी के अनुरूप स्वयं को ढालते हैं।


उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यों में भी शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब शिक्षक अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाते हैं, तभी वे समाज में आदर्श शिक्षक कहलाते हैं। अच्छे शिक्षक का सम्मान हर छात्र करता है, चाहे वह कितना ही शरारती क्यों न हो, क्योंकि प्रभावी शिक्षक कक्षा में विषयवस्तु को छात्रों तक सरलता से पहुंचाने में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने आभार एवं धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि परिचय राजकुमार ठाकुर द्वारा कराया गया।
इस अवसर पर भागलपुर विभाग के विभाग प्रमुख सतीश कुमार सिंह, परमेश्वर कुमार, गंगा चौधरी, अजीत दुबे, विद्यालय के प्रधानाचार्य अमरेश कुमार, शशि भूषण मिश्र, सुजीत कुमार गुप्ता सहित बी.एड. महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बी.एड. कर रहे छात्र-अध्यापक उपस्थित थे।