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वैशाली में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, इलाके में मचा कोहराम

-वैशाली में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, इलाके में मचा कोहराम

-क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और जर्जर नाव को हादसे की वजह बताया जा रहा; बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की

वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार, 13 अक्टूबर की शाम करीब 8:30 बजे रामपुर श्यामचंद पंचायत के भागटन टोला के पास हुआ। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृत सभी बच्चों की उम्र 15 वर्ष या उससे कम बताई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाव पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने और नाव के जर्जर होने को हादसे की संभावित वजह बताया जा रहा है। नाव पलटते ही उस पर सवार लोग गंगा नदी में डूबने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीणों, गोताखोरों और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बचाव अभियान चलाया।

रेस्क्यू के दौरान सात लोगों को सुरक्षित निकालकर इलाज के लिए पटना स्थित एनएमसीएच भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पीड़ित परिवारों में मातम पसरा है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

चांदनी ने बचाई तीन बच्चों की जान, बहन को नहीं बचा सकी:

इस हादसे के बीच 17 वर्षीय चांदनी की बहादुरी की कहानी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में डूब रहे तीन बच्चों को बचाया। हालांकि, इस दौरान उसकी अपनी बहन की डूबने से मौत हो गई। चांदनी के साहस और अपनों को खोने के दर्द ने इस हादसे को और भी मार्मिक बना दिया है।

मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा:

हादसे के बाद बिहार सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। घटना ने नदी में नाव परिचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, नावों की स्थिति और यात्रियों की निर्धारित क्षमता के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

गंगा नदी में हुए इस हादसे से कई परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। स्थानीय लोगों ने नाव परिचालन में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की जरूरत जताई है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।