-भारत-नेपाल का रिश्ता अटूट, इसे कोई नहीं तोड़ सकता: लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. चौधरी
-जनकपुरधाम के जानकी मंदिर में की पूजा-अर्चना, मधेश प्रदेश के स्पीकर रामाशीष यादव से की मुलाकात
जनकपुरधाम/मिश्रीलाल मधुकर। भारत और नेपाल के बीच संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता है, जिसे कोई ताकत तोड़ नहीं सकती। भारत और नेपाल भले ही अलग-अलग राष्ट्र हैं, लेकिन भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। ये बातें अवकाश प्राप्त लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. चौधरी ने मधेश प्रदेश के स्पीकर रामाशीष यादव से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल की भाषा, रहन-सहन, खानपान और रीति-रिवाज में काफी समानता है। नेपाली गोरखा सैनिक अपनी बहादुरी के लिए विश्वविख्यात हैं। भारतीय राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में भी नेपाली छात्र सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। उन्होंने अपने प्रशिक्षण के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके साथ प्रशिक्षण लेने वाले अधिकारी नेपाल के सेनाध्यक्ष तक बने।
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी ने कहा कि नेपाल में विनाशकारी बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारतीय सेना ने नेपाली सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बचाव एवं राहत अभियानों में सहयोग किया है। भारत सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य समेत विभिन्न क्षेत्रों में नेपाल की सहायता कर रही है। उन्होंने दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

जानकी मंदिर में की पूजा-अर्चना:
लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. चौधरी अपनी धर्मपत्नी के साथ जनकपुरधाम स्थित प्रसिद्ध जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। उनके आगमन पर जनकपुरधाम बौद्धिक समाज के अध्यक्ष राघवेंद्र साह और अखिल भारतीय हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय प्रचारक भोगेंद्र कर्ण ने मिथिला परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया।
जानकी मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने मधेश प्रदेश के स्पीकर रामाशीष यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। स्पीकर यादव ने अंगवस्त्र और रुद्राक्ष की माला पहनाकर लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी तथा उनकी धर्मपत्नी का स्वागत किया। दोनों के बीच राजनीतिक और धार्मिक विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें प्रदेश सभा और पुस्तकालय का भी अवलोकन कराया।
पुनौराधाम और जनकपुरधाम से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:
लेफ्टिनेंट जनरल चौधरी सीतामढ़ी के पुनौराधाम होते हुए जनकपुरधाम पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पुनौराधाम में माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। वहां आने वाले पर्यटक निश्चित रूप से जनकपुरधाम पहुंचकर जानकी मंदिर में भी दर्शन करना चाहेंगे। इससे भारत और नेपाल, दोनों देशों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन क्षेत्र के विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने भारत-नेपाल के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को दोनों देशों की साझा विरासत बताते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।












