-मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा की योजनाओं को मिली रफ्तार
-जिलाधिकारी के सख्त और त्वरित एक्शन से विकास कार्यों में आई तेज़ी
-सड़क–पुल निर्माण से बदलेगा मुजफ्फरपुर का नक्शा, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में योजनाओं की गहन समीक्षा
मुजफ्फरपुर। संवाददाता।
जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के कुशल नेतृत्व एवं सतत मार्गदर्शन में मुजफ्फरपुर जिले में आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय तेजी आई है। सड़कों, पुलों एवं संपर्क पथों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण से जिले के समग्र एवं सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिल रही है। इससे न केवल आमजन को आवागमन में सुविधा मिल रही है, बल्कि आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिली है।
इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार की प्रगति यात्रा के दौरान मुजफ्फरपुर जिले में घोषित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी संबंधित विभाग पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें।
बैठक में चांदनी चौक (एनएच-28) से बखरी (एनएच-57) पथ के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य की समीक्षा की गई। पथ निर्माण विभाग द्वारा क्रियान्वित इस योजना के लिए 89.77 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। 7.65 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण कार्य में और तेजी लाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया।
जिले के पूर्वी भाग में प्रस्तावित रिंग रोड निर्माण को लेकर भी गहन समीक्षा की गई। बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा एलाइनमेंट सर्वे का कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सर्वे शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया।
एनएच-122 अंतर्गत गोबरसही चौक से माड़ीपुर पावर हाउस चौक तथा रामदयालु नगर रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंच पथ सहित आरओबी निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इस योजना के लिए 16,768.20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। आरओबी एवं पहुंच पथ की कुल लंबाई 1372.266 मीटर है। गोबरसही से माड़ीपुर के बीच आरओबी निर्माण हेतु एजेंसी चयनित हो चुकी है और सर्वेक्षण कार्य जारी है, जबकि रामदयालु नगर आरओबी को मुजफ्फरपुर–बरौनी फोरलेन परियोजना में शामिल कर डीपीआर तैयार कर ली गई है।
सबहा चौक से मरीचा पथ निर्माण योजना की समीक्षा में बताया गया कि 30.02 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 14.38 किलोमीटर लंबी इस सड़क का 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने गुणवत्ता से समझौता न करने और कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा सोडा गोदाम से चंदवारा बांध के बीच उच्च स्तरीय आरसीसी पुल के पहुंच पथ तथा जेल चौक से खुदीराम बोस चिता स्थल तक सड़क निर्माण कार्य (फेज-1 एवं फेज-2) की समीक्षा की गई। 12,093.11 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना में फेज-1 का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पुल निर्माण को लेकर प्रशासन सक्रिय है। गायघाट प्रखंड के भटगामा मधुरपट्टी घाट पर 177.560 मीटर लंबे उच्च स्तरीय पुल का निर्माण 24.28 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित है। वहीं मुख्यमंत्री सेतु योजना के तहत औराई प्रखंड में कई पुलों का निर्माण तीव्र गति से जारी है।
इसके अतिरिक्त बंदरा प्रखंड में बड़गांव से शंकरपुर तक 10.75 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 11.61 करोड़ रुपये की लागत से तेज गति से किया जा रहा है, जो शीघ्र पूर्ण होने की उम्मीद है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि गुणवत्ता, समय-सीमा एवं पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना जिले के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
बैठक में जिला बंदोबस्त पदाधिकारी श्री फिरोज अख्तर, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी श्री तुषार कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी श्री शालिग्राम साह, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री सत्येंद्र कुमार सहित पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पुल निर्माण निगम एवं एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित थे।












