-भाकपा माले का एक दिवसीय धरना, मजदूर-भूमिहीनों के मुद्दों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
मुजफ्फरपुर/बंदरा।दीपक।
बन्दरा प्रखंड मुख्यालय परिसर में गुरुवार को भाकपा माले के तत्वावधान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। धरने में भाकपा माले के साथ मजदूर संगठन खेग्रामस तथा मनरेगा मजदूरों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मो. इजरायल ने की, जबकि संचालन संजय कुमार दास ने किया।
धरना समाप्ति के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित स्मार्ग पत्र अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी के कर्मियों को सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के प्रखंड सचिव रामबली मेहता ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रभुत्व वाली सरकार गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें उजाड़ रही है। साथ ही मनरेगा कानून में किए गए बदलावों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इन परिवर्तनों से मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद संघर्षों से हासिल 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम कोड लाए गए हैं, जो पूरी तरह मालिक पक्षीय हैं और मजदूरों को गुलामी की ओर धकेलने वाले कानून हैं। रामबली मेहता ने हजारों भूमिहीन परिवारों की स्थिति पर भी चिंता जताई, जो सड़क किनारे, पोखरों के पास या सरकारी-निजी जमीन पर बसे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन परिवारों को न तो पर्चा दिया जा रहा है और न ही जमीन का बंदोबस्त किया जा रहा है, बल्कि उन्हें खाली करने के नोटिस थमाए जा रहे हैं।
प्रखंड कमिटी सदस्य महेश महतो ने भी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा गठबंधन सरकार को बिहार के गरीब-गुरबों की तबाही का दूसरा नाम बताया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पार्टी सड़क से सदन तक संघर्ष तेज करेगी।
धरना-सभा में माले नेता रामबली मेहता, संजय कुमार दास, महेश महतो, मो. इजरायल, देवन मंडल, रसीदा खातून, गीता देवी, शत्रुघ्न महतो, विष्णुदेव महतो, आनंदी देवी, शिवकुमारी देवी, मंजू देवी, रानी देवी, अनीता देवी, रीतलाल मांझी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व मजदूर मौजूद थे।












