-बिहार में सियासी हलचल तेज: मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में मंथन, ‘50-50 फॉर्मूला’ की चर्चा
पटना/नई दिल्ली।दीपक तिवारी। बिहार की राजनीति इन दिनों एक बार फिर नए सत्ता समीकरणों की ओर बढ़ती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल चुनाव का शोर थमते ही अब पटना से लेकर दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में दिल्ली में हुई एक अहम मुलाकात ने राजनीतिक हलकों का तापमान और बढ़ा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, Sanjay Jha के आवास पर जदयू और Bharatiya Janata Party के शीर्ष नेताओं के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक को आगामी मंत्रिमंडल विस्तार की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, Nitin Nabin की मौजूदगी ने इस चर्चा को और बल दे दिया है कि राज्य में जल्द बड़े बदलाव संभव हैं।
इधर, बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कयास तेज हो गए हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री मिलकर करीब 47 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिससे प्रशासनिक दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है।

अंदरखाने चर्चा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद विस्तार का समय तय किया गया है और 6 मई के आसपास बड़ा फैसला सामने आ सकता है। सूत्रों की मानें तो जदयू और बीजेपी के बीच “50-50” फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है। इसके तहत दोनों दलों को बराबर हिस्सेदारी मिलने की संभावना है—बीजेपी कोटे से मुख्यमंत्री समेत 16 मंत्री और जदयू कोटे से डिप्टी सीएम सहित 16 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि सहयोगी दलों को भी 4 मंत्री पद मिलने की चर्चा है।
हालांकि, अप्रैल के अंत में कैबिनेट विस्तार की जो अटकलें थीं, वे 29 अप्रैल की बैठक के बाद कुछ समय के लिए थमती नजर आईं। लेकिन दिल्ली में बढ़ती हलचल ने एक बार फिर सियासी सरगर्मियां तेज कर दी हैं।
फिलहाल बिहार की राजनीति ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां हर बैठक और हर बयान आने वाले बड़े सत्ता समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आधिकारिक घोषणा कब होती है।











