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बिहार में आंधी-बारिश का कहर: 5 की मौत, यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

-बिहार में आंधी-बारिश का कहर: 5 की मौत, यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

पटना। भीषण गर्मी के बीच बिहार में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तबाही मचा दी। बुधवार को राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, धूल भरी हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इस दौरान अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।

राजधानी पटना में आंधी के दौरान दीवार गिरने से दो लोगों की दबकर मौत हो गई। वहीं जमुई जिले के गिद्धौर में वज्रपात की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की जान चली गई। समस्तीपुर और बेगूसराय में भी एक-एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। जहानाबाद में मकान का छज्जा गिरने से चार लोग घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

मौसम के इस कहर का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। पटना में तेज आंधी-बारिश के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित रहीं। दिल्ली से आने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट को वाराणसी और कोलकाता से आने वाली इंडिगो की उड़ानों को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा। इन विमानों में कुल 175 यात्री सवार थे।

रेल सेवाएं भी बाधित रहीं। पटना-दिल्ली रेल मार्ग पर बिहटा और कुल्हड़िया के बीच ओवरहेड तार पर पेड़ गिरने से करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन ठप रहा। राजेंद्रनगर तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति और मगध एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं। बाद में ट्रैक साफ होने पर परिचालन बहाल किया गया।

बक्सर में बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब तेज आंधी में एक पेड़ ई-रिक्शा पर गिर गया। वाहन में सवार छह लोगों को मामूली चोटें आईं। वहीं भोजपुर जिले में महुली पीपा पुल आंधी के कारण तीन हिस्सों में टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया।

मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ा है। कई जिलों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ और पुरवा हवाओं के टकराव से बने दबाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

मौसम विभाग ने 22 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 19 जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। किशनगंज, मधुबनी और सीतामढ़ी में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ गिरने से बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे सुपौल, मोतिहारी और बक्सर समेत कई जिलों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। कुछ क्षेत्रों में अब भी बहाली का कार्य जारी है।

मौसम विभाग के अनुसार तीन मई तक प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और खुले स्थानों, पेड़ों व कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है। अचानक बदले मौसम ने जहां राहत दी है, वहीं तबाही का मंजर भी छोड़ गया है।