-दरभंगा में शिक्षक-छात्रा गुमशुदगी मामला: इश्क, आरोप और इंसाफ की तलाश में भटकती पत्नी
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के गौराबौराम क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक मूल्यों और कानून—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी स्कूल का एक शादीशुदा शिक्षक अपनी ही 8वीं कक्षा की छात्रा के साथ दिसंबर 2025 में कथित तौर पर फरार हो गया। तब से दोनों लापता हैं और चार महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में अब नया मोड़ तब आया है, जब शिक्षक की पत्नी इंसाफ की गुहार लेकर दर-दर भटक रही है। महिला का आरोप है कि उसके पति का चरित्र संदिग्ध था और उसका आपराधिक तत्वों से भी मेल-जोल रहा है। उसने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर अपने और अपने बच्चों के अधिकारों की मांग की है।
पत्नी का कहना है कि घटना के बाद से न तो पति का कोई सुराग मिला है और न ही छात्रा का। अब उसे आशंका है कि अप्रैल में छात्रा के बालिग होने के बाद दोनों ने शादी कर ली हो सकती है। इस शक ने मामले को और जटिल बना दिया है।

स्कूल के प्रधानाध्यापक के अनुसार, आरोपी शिक्षक दिसंबर 2025 से ही “नो वर्क, नो पे” पर हैं और उसी समय से छात्रा भी स्कूल से गायब है। वहीं घनश्यामपुर थाना पुलिस का कहना है कि दोनों की तलाश जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
बताया जाता है कि शिक्षक की शादी वर्ष 2016 में हुई थी और पारिवारिक विवाद के चलते मामला पहले से ही तलाक की कगार पर था, हालांकि अब तक कानूनी रूप से संबंध समाप्त नहीं हुआ है।
इस मामले में सबसे पेचीदा पहलू यह है कि जब छात्रा नाबालिग थी, तब उसके साथ फरार होना गंभीर आपराधिक मामला बनता है, लेकिन अब उसके बालिग होने के बाद कानूनी स्थिति बदल सकती है। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि कानून, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच उलझी हुई जटिल कहानी बन गया है।
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और पीड़ित पत्नी इंसाफ की आस में दर-दर भटकने को मजबूर है। दरभंगा का यह “इश्क-ए-गुमशुदा” मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।












