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प्रसाद अस्पताल अग्निकांड का मामला मानवाधिकार आयोग पहुँचा, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

-प्रसाद अस्पताल अग्निकांड का मामला मानवाधिकार आयोग पहुँचा, रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग

मुजफ्फरपुर। ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। अस्पताल में आग लगने से मरीजों की हुई मौतों के बाद जिले के मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के. झा ने दोनों आयोगों के समक्ष याचिका दायर कर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

अधिवक्ता एस.के. झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली तथा राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना को भेजी गई याचिका में घटना को अत्यंत गंभीर और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा मामला बताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आग लगने के कारण कई मरीजों की जान चली गई, जिसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।

उन्होंने आयोग से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) की निगरानी में कराई जाए, ताकि घटना के वास्तविक कारणों और संभावित लापरवाही की निष्पक्ष पड़ताल हो सके। साथ ही यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

एस.के. झा ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है। अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में हुई इस घटना ने मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

गौरतलब है कि गुरुवार को मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में आग लगने से कई मरीजों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना की जांच प्रशासनिक स्तर पर भी जारी है। अब मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है।