-पिपरौन-जटही सड़क चौड़ीकरण की दिशा में बड़ी पहल, डीएम के निरीक्षण से जनकपुरवासियों में खुशी
मधुबनी/जनकपुरधाम। भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पिपरौन-जटही मार्ग के चौड़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को मधुबनी के जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने पिपरौन से जटही बॉर्डर तक सड़क का स्थलगत निरीक्षण किया और सड़क चौड़ीकरण की संभावनाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के लिए बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग को अनुशंसा भेजी जाएगी, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग के विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी उन्होंने इस जर्जर वन-लेन सड़क के ढलाई कार्य की स्वयं निगरानी कर निर्माण कार्य को गति दिलाई थी।
पिपरौन-जटही सड़क को जनकपुरधाम की लाइफलाइन माना जाता है। जानकी मंदिर के दर्शन के लिए मधुबनी, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया समेत बिहार के कई जिलों से श्रद्धालु इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह सड़क व्यापारिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।

नेपाल के पूर्व उपप्रधानमंत्री विमलेन्द्र निधि के प्रयासों से ढल्केवर से जटही तक सिक्स लेन सड़क का निर्माण हो चुका है। वहीं जटही बॉर्डर से प्रतिदिन सैकड़ों चारपहिया वाहन और बाइक जनकपुरधाम के लिए आवागमन करते हैं। सड़क संकीर्ण होने के कारण बसों और ट्रकों को एक-दूसरे को साइड देने में कठिनाई होती है, जिससे अक्सर लंबा जाम लग जाता है।
बताया जाता है कि पिपरौन से जटही तक फोर लेन सड़क निर्माण की मांग को लेकर पूर्व उपप्रधानमंत्री विमलेन्द्र निधि ने करीब दो वर्ष पूर्व नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर लिखित अनुरोध भी किया था। उस समय मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक परियोजना पर ठोस पहल नहीं हो सकी है।
डीएम आनंद शर्मा की इस पहल का जनकपुरधाम और सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों ने स्वागत किया है। जानकी मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राम रोशन दास वैष्णव, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार साह, जनकपुरधाम उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र भंडारी सहित कई गणमान्य लोगों ने सड़क चौड़ीकरण के प्रयासों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास, पर्यटन और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बताया ।












