-पटना में SIR के विरोध में महागठबंधन का प्रदर्शन, तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी हिरासत में
पटना। चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में गुरुवार को पटना में महागठबंधन के प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर मार्च कर रहे थे। इसी दौरान सचिवालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान हुई। करीब तीन बैरिकेडिंग पार करने के बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया। उनके साथ विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को भी हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी को SDPO की गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गई। इस दौरान तेजस्वी यादव जिस पुलिस वाहन में बैठे थे, उसके ऊपर विधायक और महागठबंधन के कई कार्यकर्ता चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके कारण मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत बिहार से हुई थी और महागठबंधन लगातार इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाता रहा है। तेजस्वी यादव ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग और भाजपा लगातार खारिज करते रहे हैं।

महागठबंधन के इस प्रदर्शन में राजद, कांग्रेस, माले समेत सहयोगी दलों के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं, राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर डफली बजाकर नारेबाजी करती नजर आईं। राजद के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने भी प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखी नारेबाजी की।
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी तरह की हिरासत से महागठबंधन का आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मतदान के अधिकार से वंचित किया जाता है, तो इस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम हाथों में हथकड़ी पहनकर और संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। SIR के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान राजधानी पटना में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही।












