-डॉग बाइट के मामले बढ़े, सदर अस्पताल में रोज पहुंच रहे 100 से 150 पीड़ित
-पालतू कुत्तों के काटने के मामले भी बढ़े, सिविल सर्जन ने दी सतर्क रहने की सलाह; एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में जुटा स्वास्थ्य विभाग
मुजफ्फरपुर। जिले में मौसम में बदलाव और रात के तापमान में गिरावट के बीच कुत्तों के काटने के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले दो सप्ताह से डॉग बाइट के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। सदर अस्पताल के ओपीडी में एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। अस्पताल की दोनों पालियों को मिलाकर रोजाना करीब 100 से 150 लोग कुत्ते के काटने के बाद इलाज और टीकाकरण के लिए आ रहे हैं।
डॉग बाइट के बढ़ते मामलों पर मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में सामने आए मामलों में पालतू कुत्तों के काटने की संख्या भी काफी अधिक है। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि पालतू कुत्ते को रेबीज का टीका लगा होने के बावजूद काटने की घटना को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुत्ते के काटने, दांत गड़ाने या खरोंच लगने पर भी तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। किसी भी घरेलू नुस्खे या झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है।

मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सदर अस्पताल प्रबंधन ने एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयारी तेज कर दी है। अस्पताल में टीकों का पर्याप्त भंडार रखने और मरीजों को समय पर टीका उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। भविष्य में वैक्सीन की कमी नहीं हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अतिरिक्त टीकों का अग्रिम ऑर्डर भी भेजा गया है। अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के इलाज और टीकाकरण के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से कुत्तों के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर देर रात और सुबह जल्दी सुनसान रास्तों से गुजरते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्ते के काटने या खरोंच लगने पर घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर रेबीज से बचाव का उचित उपचार कराना चाहिए। समय पर उपचार ही इस जानलेवा बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।













