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डॉक्टर्स टीम ने ग्रामीण इलाकों में चलाया एईएस जागरूकता अभियान

-डॉक्टर्स टीम ने ग्रामीण इलाकों में चलाया एईएस जागरूकता अभियान

-बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
-डॉक्टरों ने बताया लक्षण, कारण और प्राथमिक उपचार

मुजफ्फरपुर। एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) के डॉक्टरों की एक टीम ने मुजफ्फरपुर के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। गर्मी के मौसम में एईएस का खतरा अधिक बढ़ जाता है, ऐसे में इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए।

डॉक्टरों की टीम ने गांव-गांव जाकर लोगों को बताया कि एईएस एक घातक बीमारी है, जो विशेष रूप से बच्चों को प्रभावित करती है। समय पर पहचान और प्राथमिक उपचार से इस बीमारी से बचा जा सकता है। टीम ने लक्षणों के बारे में बताते हुए कहा कि तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी, सुस्ती और दौरे इसके प्रमुख संकेत हैं।

डॉक्टरों ने लोगों को यह भी समझाया कि खाली पेट लीची खाना बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। बच्चों को समय पर भोजन देने, हाइड्रेटेड रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई।

एसकेएमसीएच की इस टीम ने प्राथमिक विद्यालयों में भी जाकर शिक्षकों और अभिभावकों से मुलाकात की, उन्हें रोग की गंभीरता के बारे में बताया और किसी भी लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की अपील की।

अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर एईएस के प्रति चेतना बढ़ाना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना था। डॉक्टरों की मानें तो जानकारी और सावधानी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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