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गोविंदपुर-छपरा एपीएचसी क्षेत्र में बढ़ा ठंड जनित बीमारियों का प्रकोप

-गोविंदपुर-छपरा एपीएचसी क्षेत्र में बढ़ा ठंड जनित बीमारियों का प्रकोप

-सर्दी-खांसी-बुखार से पीड़ित हो रहे लोग
-पीड़ितों में बच्चों के साथ महिला-पुरूष भी

मुुुजफ्फरपुर/बन्दरा। दीपक।

प्रखंड के विभिन्न इलाकों में मौसमीय बदलाव और बढ़ते ठंड के बीच शीतजनित बीमारियों के चपेट में लोग आ रहे हैं। प्रखंड के गोविंदपुर छपरा एपीएचसी क्षेत्र में औसतन 80 से 90प्रतिशत मरिज सर्दी-खांसी-बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। इन पीड़ितों में महिलाओं एवं पुरुषों के अलावे छोटे-बड़े बच्चे भी शामिल हैं।एपीएचसी में शनिवार को चिकित्सक डॉक्टर दीपक सिद्धार्थ ने बताया कि रोजाना 25 से 30 मरीज सर्दी-खांसी-बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। जिन्हें स्वास्थ्य जांच के बाद उचित सलाह के साथ ही आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को 25 मरीजों में 22 मरिज सर्दी-खांसी-बुखार से पीड़ित मिले। तीन मरिज शीतजनित अन्य बीमारी से पीड़ित थे।

लोग कर रहे लापरवाही:

उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग रोजाना सुबह-शाम पेयजल को गर्म करके नहीं पी रहे हैं।पानी को उबालकर नहीं पी रहे हैं। कई पीड़ित परिवार ठंड खाना भी खा रहे हैं। जिसके कारण से परेशानी बढ़ रही है। वहीं सर्दी-खांसी पीड़ित लोगों के संपर्क में भी परिवार एवं आस-पास के लोग रह रहे हैं। ठंड में अचानक निकलने एवं लापरवाही की वजह से भी लोग बीमार पड़ रहे हैं।

यह है चिकित्सकीय सलाह:

लिहाजा लोगों को ताजी एवं गरम खाना खाने तथा जल को रोजाना गर्म कर पीने, सर्दी-खांसी पीड़ित लोगों के संपर्क से बचने आदि की सलाह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को सर्दी-खांसी की समस्याएं है। उन्हें मास्क का प्रयोग करना चाहिए या स्वस्थ लोगों के समक्ष छींकने आदि से परहेज करना चाहिए। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव तथा अचानक ठंड बढ़ने की वजह से लोग ज्यादातर बीमार पड़ रहे हैं। बताया कि दिन में सामान्य गर्मी रहती है जबकि रात में ठंड बढ़ जाती है। ऐसे में लोग जरूरी-गैरजरूरी तरीकों से अचानक घर से बाहर निकलते हैं। संध्या के बाद बाइक-गाड़ी का सफर आदि भी इसके जद में आने के कारण बनते हैं। जरा सी लापरवाही उन्हें बीमार कर देती है।