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मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर डीएम कुमार गौरव सख्त, डॉक्टरों की बनेगी टॉप-बॉटम सूची; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

-मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर डीएम कुमार गौरव सख्त, डॉक्टरों की बनेगी टॉप-बॉटम सूची; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

मुजफ्फरपुर। जिलाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब जिले के चिकित्सकों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा होगी और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के टॉप-फाइव और बॉटम-फाइव चिकित्सकों की सूची तैयार की जाएगी। इसी आधार पर डॉक्टरों के कार्य प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने ऑनलाइन कंसल्टेशन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अनावश्यक रेफरल पर हर हाल में रोक लगाई जाए। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध पब्लिक न्यूसैंस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए बेहतर प्रयास करने वाले प्रभारियों की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय मानकों पर खरा उतरने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की बात कही।


संस्थागत प्रसव की स्थिति में सुधार लाने के लिए सिविल सर्जन को एएनसी (गर्भवती महिलाओं की जांच) के अनुपात में संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिन प्रखंडों में स्थिति खराब है, वहां के प्रभारी अधिकारियों की विशेष समीक्षा होगी। प्रसव कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को भी चेतावनी दी गई। संस्थागत प्रसव में लापरवाही बरतने वाली आशा कार्यकर्ताओं के कार्य में सुधार नहीं होने पर उन्हें पदमुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जननी बाल सुरक्षा योजना के लंबित भुगतानों पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि जिले के मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।