-आपदा से बचाव के लिए शिक्षक हुए तैयार, मॉक ड्रिल में सीखे जीवन रक्षा के गुर
मोतिहारी।आपदा के समय घबराहट नहीं, समझदारी जान बचाती है। इसी संदेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर मंगलवार को उत्तरी ढेकहा संकुल संसाधन केंद्र में शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। बाल रक्षा भारत (सेव द चिल्ड्रेन) और शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस प्रशिक्षण में चार संकुलों के 23 विद्यालयों के फोकल शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूलों में सुरक्षा की संस्कृति विकसित करना था। सीआरसी कोऑर्डिनेटर जुनेद आलम और संकुल संचालक मनोज पाठक ने कहा कि आपदा प्रबंधन को रोज की पढ़ाई का हिस्सा बनाना जरूरी है।

कार्यक्रम का सबसे रोचक हिस्सा मॉक ड्रिल रहा। अग्निशमन विभाग के प्रधान अग्निक शकील अहमद और उनकी टीम – विजय मंडल, अमन राज, विश्वजीत कुमार, राजेंद्र चौधरी ने गैस सिलेंडर में लगी आग को बुझाने का लाइव डेमो दिया। आपदा मित्र रजनीश कुमार ने फ्रैक्चर में प्राथमिक उपचार और देसी जुगाड़ से स्ट्रेचर बनाने के गुर सिखाए।
राज्य सहायक प्रबंधक असीम कुमार मंडल ने कहा कि आपदा से पहले तैयारी ही असली बचाव है। शिक्षकों ने स्कूल के जोखिमों की पहचान का अभ्यास भी किया। संचालन हामिद रजा और सत्य प्रकाश ने किया।












