-राजापाकर के विद्यालय उद्घाटन समारोह में प्रोटोकॉल विवाद, विधायक को मुख्य अतिथि नहीं बनाए जाने पर प्रधानाध्यापक से 24 घंटे में जवाब तल
राजापाकर। संजय श्रीवास्तव। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राजापाकर परिसर में 19 जुलाई को आयोजित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के उद्घाटन समारोह में स्थानीय विधायक महेंद्र राम को मुख्य अतिथि नहीं बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन मानते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं जदयू प्रखंड अध्यक्ष सह बीस सूत्री अध्यक्ष अवधेश राय ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।
जदयू प्रखंड अध्यक्ष अवधेश राय ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने राजनीतिक कारणों से स्थानीय विधायक महेंद्र राम को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का दर्जा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देशों के अनुसार स्थानीय विधायक को मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, इसी वजह से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को प्रधानाध्यापक से जवाब-तलब करना पड़ा।

अवधेश राय ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित प्रधानाध्यापक के कार्यकाल में पहले भी कई अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने नौवीं एवं ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों से वार्षिक परीक्षा में शामिल कराने के नाम पर अवैध राशि वसूली के आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिलाधिकारी द्वारा कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं, प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विधायक महेंद्र राम को विधिवत आमंत्रण पत्र भेजा गया था। उन्होंने बताया कि आमंत्रण पत्र पर भूलवश “मुख्य अतिथि” अंकित नहीं हो सका। उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं थी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की तैयारी के लिए केवल दो दिन का समय मिला था, जिसके कारण जल्दबाजी में यह त्रुटि हो गई।
इधर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कार्यक्रम में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने के कारण उन्हें जनप्रतिनिधि के समक्ष असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। पत्र में प्रधानाध्यापक को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभागीय कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को अनुशंसा भेजी जाएगी।











